Salmos 25

पवित्र बाइबल (HIN2010)

1 हे यहोवा, मैं स्वयं को तुझे समर्पित करता हूँ।

2 मेरे परमेश्वर, मेरा विश्वस तुझ पर है।

3 ऐसा व्यक्ति, जो तुझमें विश्वास रखता है, वह निराश नहीं होगा।

4 हे यहोवा, मेरी सहायता कर कि मैं तेरी राहों को सीखूँ।

5 अपनी सच्ची राह तू मुझको दिखा और उसका उपदेश मुझे दे।

6 हे यहोवा, मुझ पर अपनी दया रख

7 अपने युवाकाल में जो पाप और कुकर्म मैंने किए, उनको याद मत रख।

8 यहोवा सचमुच उत्तम है,

9 वह दीनजनों को अपनी राहों की शिक्षा देता है।

10 यहोवा की राहें उन लोगों के लिए क्षमापूर्ण और सत्य है,

11 हे यहोवा, मैंने बहुतेरे पाप किये हैं,

12 यदि कोई व्यक्ति यहोवा का अनुसरण करना चाहे,

13 वह व्यक्ति उत्तम वस्तुओं का सुख भोगेगा,

14 यहोवा अपने भक्तों पर अपने भेद खोलता है।

15 मेरी आँखें सहायता पाने को यहोवा पर सदा टिकी रहती हैं।

16 हे यहोवा, मैं पीड़ित और अकेला हूँ।

17 मेरी विपतियों से मुझको मुक्त कर।

18 हे योहवा, मुझे परख और मेरी विपत्तियों पर दृष्टि डाल।

19 जो भी मेरे शत्रु हैं, सभी को देख ले।

20 हे परमेश्वर, मेरी रक्षा कर और मुझको बचा ले।

21 हे परमेश्वर, तू सचमुच उत्तम है।

22 हे परमेश्वर, इस्राएल के जनों की उनके सभी शत्रुओं से रक्षा कर।

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