Juízes 1

पवित्र बाइबल (HIN2010) vs NAA

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NAA Nova Almeida Atualizada 2017
1 यहोशू मर गया। तब इस्राएल के लोगों ने यहोवा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार समूह में से कौन प्रथम जाने वाला तथा कनानी लोगों से हम लोगों के लिये युद्ध करने वाला होगा?”
1 Depois da morte de Josué, os filhos de Israel consultaram o Senhor , dizendo: — Quem de nós será a primeira tribo a lutar contra os cananeus?
2 यहोवा ने इस्राएली लोगों से कहा, “यहूदा का परिवार समूह जाएगा। मैं उनको इस प्रदेश को प्राप्त करने दूँगा।”
2 O Senhor respondeu: — A tribo de Judá será a primeira; eis que entreguei a terra nas mãos desta tribo.
3 यहूदा के लोगों ने शिमोन परिवार समूह के अपने भाइयों से सहायता मांगी। यहूदा के लोगों ने कहा, “भाइयों यहोवा ने हम सभी को कुछ प्रदेश देने का वचन दिया है। यदि तुम लोग हम लोगों के प्रदेश के लिए युद्ध करने में हमारे साथ आओगे और सहायता करोगे तो हम लोग तुम्हारे प्रदेश के लिये तुम्हारे साथ जायेंगे और युद्ध करेंगे।” शिमोन के लोग यहूदा के अपने भाइयों के युद्ध में सहायता करने को तैयार हो गए।
3 Então os filhos de Judá disseram aos seus irmãos da tribo de Simeão: — Venham conosco à herança que nos caiu por sorteio, e lutemos contra os cananeus. Depois também nós iremos com vocês à herança que lhes caiu por sorteio. E os filhos de Simeão foram com eles.
4 यहोवा ने यहूदा के लोगों को कनानियों और परिज्जी लोगों को हराने में सहायता की। यहूदा के लोगों ने बेजेक नगर में दस हजार व्यक्तियों को मार डाला।
4 Os filhos de Judá atacaram, e o Senhor lhes entregou nas mãos os cananeus e os ferezeus; e, em Bezeque, mataram dez mil homens.
5 बेजेक नगर में यूहदा के लोगों ने अदोनीबेजेक के शासक को पाया और उससे युद्ध किया। यहूदा के लोगों ने कनानियों और परिज्जी लोगों को हराया।
5 Em Bezeque, encontraram Adoni-Bezeque e lutaram contra ele; e derrotaram os cananeus e os ferezeus.
6 अदोनीबेजेक के शासक ने भाग निकलने का प्रयत्न किया। किन्तु यहूदा के लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। जब उन्होंने उसे पकड़ा तब उन्होंने उसके हाथ और पैर के अंगूठों को काट डाला।
6 Adoni-Bezeque fugiu, mas eles o perseguiram e, prendendo-o, lhe cortaram os polegares das mãos e dos pés.
7 तब अदोनीबेजेक के शासक ने कहा, “मैंने सत्तर राजाओं के हाथ और पैर के अंगूठे काटे और उन राजाओं को वही भोजन करना पड़ा जो मेरी मेज से टुकड़ों में गिरा। अब यहोवा ने मुझे उसका बदला दिया है जो मैंने उन राजाओं के साथ किया था।” यहूदा के लोग बेजेक के शासक को यरूशलेम ले गए और वह वहीं मरा।
7 Então Adoni-Bezeque disse: — Setenta reis, a quem haviam sido cortados os polegares das mãos e dos pés, apanhavam migalhas debaixo da minha mesa. Assim como eu fiz, assim Deus me retribuiu. E o levaram a Jerusalém, onde morreu.
8 यहूदा के लोग यरूशलेम के विरुद्ध लड़े और उस पर अधिकार कर लिया। यहूदा के लोगों ने यरूशलेम के लोगों को मारने के लिये तलवार का उपयोग किया। उन्होंने नगर को जला दिया।
8 Os filhos de Judá atacaram Jerusalém e, tomando-a, mataram os seus moradores e puseram fogo na cidade.
9 उसके बाद यहूदा के लोग कुछ अन्य कनानी लोगों से युद्ध करने के लिए गए। वे कनानी पहाड़ी प्रदेशों, नेगेव और समुद्र के किनारे की पहाड़ियों मे रहते थे।
9 Depois, os filhos de Judá foram lutar contra os cananeus que habitavam nas montanhas, no Neguebe e na Sefelá.
10 तब यहूदा के लोग उन कनानी लोगों के विरूद्ध लड़ने गए जो हेब्रोन नगर में रहते थे। (हेब्रोन को किर्यतर्बा कहा जाता था।) यहूदा के लोगों ने शेशै, अहीमन और तल्मै कहे जाने वाले लोगों को हराया।
10 Também atacaram os cananeus que moravam em Hebrom, cujo nome antes era Quiriate-Arba, e derrotaram Sesai, Aimã e Talmai.
11 यहूदा के लोगों ने उस स्थान को छोड़ा। वे दबीर नगर, वहाँ के लोगों के विरुद्ध युद्ध करने गए। (दबीर को किर्यत्सेपेर कहा जाता था।)
11 Dali os filhos de Judá marcharam contra os moradores de Debir, que antes era chamada de Quiriate-Sefer.
12 यहूदा के लोगों द्वारा युद्ध आरम्भ करने के पहले कालेब ने लोगों से एक प्रतिज्ञा की। कालेब ने कहा, “मैं अपनी पुत्री अकसा को उस व्यक्ति को पत्नी के रूप में दूँगा जो किर्यत्सेपेर नगर पर आक्रमण करता है और उस पर अधिकार करता है।”
12 Então Calebe disse: — Darei a minha filha Acsa por mulher ao homem que atacar e conquistar Quiriate-Sefer.
13 कालेब का एक छोटा भाई था जिसका नाम कनज था। कनज का एक पुत्र ओत्नीएल नाम का था। (ओत्नीएल कालेब का भतीजा था। ) ओत्नीएल ने किर्यत्सेपेर नगर को जीत लिया। इसलिए कालेब ने अपनी पुत्री अकसा को पत्नी के रूप में ओत्नीएल को दिया।
13 Quem conquistou a cidade foi Otniel, filho de Quenaz, o irmão de Calebe, mais novo do que ele. E Calebe lhe deu a sua filha Acsa por mulher.
14 जब अकसा ओत्नीएल के पास आई तब ओत्नीएल ने उससे कहा कि वह अपने पिता से कुछ भूमि माँगे। अकसा अपने पिता के पास गई। अत: वह अपने गधे से उतरी और कालेब ने पूछा, “क्या कठिनाई है?”
14 Esta, quando foi morar com Otniel, insistiu com ele para que pedisse um campo ao pai dela. Quando ela desceu do jumento, Calebe lhe perguntou: — O que é que você quer?
15 अकसा ने कालेब को उत्तर दिया, “आप मुझे आशीर्वाद दें। आपनें मुझे नेगेव की सूखी मरुभूमि दी है। कृपया मुझे कुछ पानी के सोते वाली भूमि दें।” अत: कालेब ने उसे वह दिया जो वह चाहती थी। उसने उसे उस भूमि के ऊपर और नीचे के पानी के सोते दे दिये।
15 Ela respondeu: — Quero que me dê um presente. Já que o senhor me deu uma terra seca, me dê também algumas fontes de água. Então Calebe lhe deu as fontes superiores e as fontes inferiores.
16 केनी लोगों ने ताड़वृक्षों के नगर (यरीहो) को छोड़ा और यहूदा के लोगों के साथ गए। वे लोग यहूदा की मरुभूमि में वहाँ के लोगों के साथ रहने गए। यह नेगेव में अराद नगर के पास था। (केनी लोग मूसा के ससुर के परिवार से थे।)
16 Os filhos do queneu, sogro de Moisés, saíram da cidade das palmeiras com os filhos de Judá e foram ao deserto de Judá, que está ao sul de Arade; foram e habitaram com este povo.
17 कुछ कनानी लोग सपत नगर में भी रहते थे। इसलिए यहूदा के लोग और शिमोन के परिवार समूह के लोगों ने उन कनानी लोगों पर आक्रमण किया। उन्होंने नगर को पूर्णत: नष्ट कर दिया। इसलिये उन्होंने नगर का नाम होर्मा रखा।
17 Os filhos de Judá foram com os seus irmãos da tribo de Simeão e atacaram os cananeus que moravam em Zefate e destruíram totalmente a cidade; por isso, foi chamada de Horma.
18 यहूदा के लोगों ने अज्जा के नगर और उसके चारों ओर के छोटे नगरों पर भी अधिकार किया। यहूदा के लोगों ने अशकलोन और एक्रोन नगरों और उनके चारों ओर के छोटे नगरों पर भी अधिकार किया।
18 Também conquistaram Gaza, Asquelom e Ecrom com os seus respectivos territórios.
19 यहोवा उस समय यहूदा के लोगों के साथ था, जब वे युद्ध कर रहे थे। उन्होंने पहाड़ी प्रदेश की भूमि पर अधिकार किया। किन्तु यहूदा के लोग घाटियों की भूमि लेने में असफल रहे क्योंकि वहाँ के निवासियों के पास लोहे के रथ थे।
19 O Senhor esteve com os filhos de Judá, e estes ocuparam a região das montanhas. Porém não expulsaram os moradores do vale, porque estes tinham carros de ferro.
20 मूसा ने कालेब को हेब्रोन के पास की भूमि देने का वचन दिया था। अत: वह भूमि कालेब के परिवार समूह को दी गई। कालेब के लोगों ने अनाक के तीन पुत्रों को वह स्थान छोड़ने को विवश किया। बिन्यामीन लोग यरूशलेम में बसते हैं।
20 E, como Moisés havia prometido, deram Hebrom a Calebe, e este expulsou dali os três filhos de Anaque.
21 बिन्यामीन परिवार के लोग यबूसी लोगों को यरूशलेम छोड़ने के लिये विवश न कर सके। उस समय से लेकर अब तक यबूसी लोग यरूशलेम में बिन्यामीन लोगों के साथ रहते आए हैं।
21 Porém os filhos de Benjamim não expulsaram os jebuseus que moravam em Jerusalém. Assim, os jebuseus vivem com os filhos de Benjamim em Jerusalém até o dia de hoje.
22 युसूफ के परिवार समूह के लोग भी बेतेल नगर के विरुद्ध लड़ने गए। (बेतेल, लूज कहा जाता था।) यहोवा यूसुफ के परिवार समूह के लोगों के साथ था।
22 A casa de José atacou Betel, e o Senhor estava com eles.
23 यूसुफ के परिवार के लोगों ने कुछ जासूसों को बेतेल नगर को भेजा। (इन व्यक्तियों ने बेतेल नगर को हराने के उपाय का पता लगाया।)
23 A casa de José enviou homens a espiar Betel, que antes se chamava Luz.
24 जब वे जासूस बेतेल नगर को देख रहे थे तब उन्होंने एक व्यक्ति को नगर से बाहर आते देखा। जासूसों ने उस व्यक्ति से कहा, “हम लोगों को नगर में जाने का गुप्त मार्ग बताओ। हम लोग नगर पर आक्रमण करेंगे। किन्तु यदि तुम हमारी सहायता करोगे तो हम तुम्हें चोट नहीं पहुँचायेंगे।”
24 Os espias viram um homem que saía da cidade e lhe disseram: — Mostre-nos a entrada da cidade, e teremos misericórdia de você.
25 उस व्यक्ति ने जासूसों को नगर में जाने का गुप्त मार्ग बताया। यूसुफ के लोगों ने बेतेल के लोगों को मारने के लिये अपनी तलवार का उपयोग किया। किन्तु उन्होंने उस व्यक्ति को चोट नहीं पहुँचाई जिसने उन्हें सहायता दी थी और उन्होंने उसके परिवार के लोगों को चोट नहीं पहुँचाई। उस व्यक्ति और उसके परिवार को स्वतन्त्र जाने दिया गया।
25 O homem mostrou a entrada da cidade, e eles mataram os moradores ao fio da espada; mas deixaram ir aquele homem e toda a sua família.
26 वह व्यक्ति उस प्रदेश में गया जहाँ हित्ती लोग रहते थे और वहाँ उसने एक नगर बसाया। उसने उस नगर का नाम लूज रखा और वह आज भी वहाँ है।
26 Então ele foi para a terra dos heteus, edificou uma cidade, e lhe deu o nome de Luz. E este é o seu nome até o dia de hoje.
27 कनानी लोग बेतशान, तानाक, दोर, यिबलाम, मगिद्दो और उनके चारों ओर के छोटे नगरों में रहते थे। मनश्शे के परिवार समूह के लोग उन लोगों को उन नगरों को छोड़ने के लिये विवश नहीं कर सके थे। इसलिए कनानी लोग वहाँ टिके रहे। उन्होने अपना घर छोड़ने से इन्कार कर दिया।
27 A tribo de Manassés não expulsou os moradores de Bete-Seã, nem os de Taanaque, nem os de Dor, nem os de Ibleão, nem os de Megido, todas com as suas respectivas aldeias; os cananeus continuaram a viver naquela terra.
28 बाद में इस्राएल के लोग अधिक शक्तिशाली हुए और कनानी लोगों को दासों की तरह अपने लिए काम करने के लिये विवश किया। किन्तु इस्राएल के लोग सभी कनानी लोगों से उनका प्रदेश न छुड़वा सके।
28 Quando, porém, Israel se tornou mais forte, sujeitou os cananeus a trabalhos forçados, mas não os expulsou de todo.
29 यही बात एप्रैम के परिवार समूह के साथ हुई। कनानी लोग गेजेर में रहते थे और एप्रैम के लोग सभी कनानी लोगों से उनका देश न छुड़वा सके। इसलिए कनानी लोग एप्रैम के लोगों के साथ गेजेर में रहते चले आए।
29 A tribo de Efraim não expulsou os cananeus, moradores de Gezer. Assim, continuaram a viver com eles em Gezer.
30 जबूलून के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। कित्रोन और नहलोल नगरों मे कुछ कनानी लोग रहते थे। जबूलून के लोग उन लोगों से उनका देश न छुड़वा सके। वे कनानी लोग टिके रहे और जबूलून लोगों के साथ रहते चले आए। किन्तु जबूलून के लोगों ने उन लोगों को दासों की तरह काम करने को विवश किया।
30 A tribo de Zebulom não expulsou os moradores de Quitrom, nem os de Naalol. Os cananeus continuaram com eles, sujeitos a trabalhos forçados.
31 आशेर के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। आशेर के लोग उन लोगों से अक्को, सीदोन, अहलाब, अकजीब, हेलबा, अपीक और रहोब नगरों को न छुड़वा सके।
31 A tribo de Aser não expulsou os moradores de Aco, nem os de Sidom, os de Alabe, os de Aczibe, os de Helba, os de Afeca e os de Reobe.
32 आशेरके लोग कनानी लोगों से अपना देश न छुडवा सके। इसलिए कनानी लोग आशेर के लोगों के साथ रहते चले आए।
32 Os aseritas continuaram no meio dos cananeus que moravam na terra, porque não os expulsaram.
33 नप्ताली के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। नप्ताली परिवार के लोग उन लोगों से बेतशेमेश और बेतनात नगरों को न छुड़वा सके। इसलिए नप्ताली के लोग उन नगरों में उन लोगों के साथ रहते चले आए। वे कनानी लोग नप्ताली लोगों के लिए दासों की तरह काम करते रहे।।
33 A tribo de Naftali não expulsou os moradores de Bete-Semes, nem os de Bete-Anate, mas continuou no meio dos cananeus que moravam na terra. No entanto, os moradores de Bete-Semes e Bete-Anate ficaram sujeitos a trabalhos forçados.
34 एमोरी लोगों ने दान के परिवार समूह के लोगों को पहाड़ी प्रदेश में रहने के लिये विवश कर दिया। दान के लोगों को पहाड़ियों मे ठहरना पड़ा क्योंकि एमोरी लोग उन्हें घाटियों में उतर कर नहीं रहने देते थे।
34 Os amorreus levaram os filhos de Dã a se retirar para as montanhas e não os deixavam descer ao vale.
35 एमोरी लोगों ने हेरेस पर्वत, अय्यलोन तथा शालबीम में ठहरने का निश्चय किया। बाद में, यूसुफ का परिवार समूह शाक्तिशाली हो गया। तब उन्होंने एमोरी लोगों से दासों की तरह काम लिया।
35 Os amorreus conseguiram permanecer nas montanhas de Heres, em Aijalom e em Saalabim; no entanto, a mão da casa de José prevaleceu, e os amorreus foram sujeitos a trabalhos forçados.
36 एमोरी लोगों का प्रदेश बिच्छू दर्रे से सेला और सेला के परे पहाड़ी प्रदेश तक था।
36 O território dos amorreus ia desde a subida de Acrabim e desde Sela para cima.

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