Juízes 1
पवित्र बाइबल (HIN2010) vs BKJ
1 यहोशू मर गया। तब इस्राएल के लोगों ने यहोवा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार समूह में से कौन प्रथम जाने वाला तथा कनानी लोगों से हम लोगों के लिये युद्ध करने वाला होगा?”
1 Ora, depois da morte de Josué, sucedeu que os filhos de Israel perguntaram ao SENHOR, dizendo: Quem primeiro subirá por nós contra os cananeus, para lutar contra eles?
2 यहोवा ने इस्राएली लोगों से कहा, “यहूदा का परिवार समूह जाएगा। मैं उनको इस प्रदेश को प्राप्त करने दूँगा।”
2 E o SENHOR disse: Judá subirá. Eis que entreguei a terra em sua mão.
3 यहूदा के लोगों ने शिमोन परिवार समूह के अपने भाइयों से सहायता मांगी। यहूदा के लोगों ने कहा, “भाइयों यहोवा ने हम सभी को कुछ प्रदेश देने का वचन दिया है। यदि तुम लोग हम लोगों के प्रदेश के लिए युद्ध करने में हमारे साथ आओगे और सहायता करोगे तो हम लोग तुम्हारे प्रदेश के लिये तुम्हारे साथ जायेंगे और युद्ध करेंगे।” शिमोन के लोग यहूदा के अपने भाइयों के युद्ध में सहायता करने को तैयार हो गए।
3 E Judá disse a Simeão, seu irmão: Suba comigo para a minha terra, para que possamos lutar contra os cananeus; e eu, do mesmo modo, irei contigo para a tua terra. Então Simeão foi com ele.
4 यहोवा ने यहूदा के लोगों को कनानियों और परिज्जी लोगों को हराने में सहायता की। यहूदा के लोगों ने बेजेक नगर में दस हजार व्यक्तियों को मार डाला।
4 E Judá subiu; e o SENHOR entregou os cananeus e os ferezeus na sua mão; e mataram deles em Bezeque dez mil homens.
5 बेजेक नगर में यूहदा के लोगों ने अदोनीबेजेक के शासक को पाया और उससे युद्ध किया। यहूदा के लोगों ने कनानियों और परिज्जी लोगों को हराया।
5 E encontraram Adoni-Bezeque em Bezeque; e lutaram contra ele, e mataram os cananeus e os ferezeus.
6 अदोनीबेजेक के शासक ने भाग निकलने का प्रयत्न किया। किन्तु यहूदा के लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। जब उन्होंने उसे पकड़ा तब उन्होंने उसके हाथ और पैर के अंगूठों को काट डाला।
6 Porém Adoni-Bezeque fugiu; e eles o perseguiram, e o apanharam, e cortaram fora os seus polegares e os dedos grandes dos seus pés.
7 तब अदोनीबेजेक के शासक ने कहा, “मैंने सत्तर राजाओं के हाथ और पैर के अंगूठे काटे और उन राजाओं को वही भोजन करना पड़ा जो मेरी मेज से टुकड़ों में गिरा। अब यहोवा ने मुझे उसका बदला दिया है जो मैंने उन राजाओं के साथ किया था।” यहूदा के लोग बेजेक के शासक को यरूशलेम ले गए और वह वहीं मरा।
7 E Adoni-Bezeque disse: Setenta reis, com os seus polegares e dedos grandes dos pés decepados, juntavam sua carne debaixo da minha mesa; tal como eu fiz, assim também Deus me retribuiu. E o trouxeram a Jerusalém, e ali ele morreu.
8 यहूदा के लोग यरूशलेम के विरुद्ध लड़े और उस पर अधिकार कर लिया। यहूदा के लोगों ने यरूशलेम के लोगों को मारने के लिये तलवार का उपयोग किया। उन्होंने नगर को जला दिया।
8 Ora, os filhos de Judá haviam lutado contra Jerusalém, conquistaram-na, feriram-na com o fio da espada, e atearam fogo à cidade.
9 उसके बाद यहूदा के लोग कुछ अन्य कनानी लोगों से युद्ध करने के लिए गए। वे कनानी पहाड़ी प्रदेशों, नेगेव और समुद्र के किनारे की पहाड़ियों मे रहते थे।
9 E, depois disso, os filhos de Judá desceram para lutar contra os cananeus que habitavam no monte, e no sul, e no vale.
10 तब यहूदा के लोग उन कनानी लोगों के विरूद्ध लड़ने गए जो हेब्रोन नगर में रहते थे। (हेब्रोन को किर्यतर्बा कहा जाता था।) यहूदा के लोगों ने शेशै, अहीमन और तल्मै कहे जाने वाले लोगों को हराया।
10 E Judá foi contra os cananeus que habitavam em Hebrom; ora, o nome anterior de Hebrom era Quiriate-Arba; e eles mataram Sesai, Aimã e Talmai.
11 यहूदा के लोगों ने उस स्थान को छोड़ा। वे दबीर नगर, वहाँ के लोगों के विरुद्ध युद्ध करने गए। (दबीर को किर्यत्सेपेर कहा जाता था।)
11 E de lá ele foi contra os habitantes de Debir; e o nome de Debir era anteriormente Quiriate-Sefer.
12 यहूदा के लोगों द्वारा युद्ध आरम्भ करने के पहले कालेब ने लोगों से एक प्रतिज्ञा की। कालेब ने कहा, “मैं अपनी पुत्री अकसा को उस व्यक्ति को पत्नी के रूप में दूँगा जो किर्यत्सेपेर नगर पर आक्रमण करता है और उस पर अधिकार करता है।”
12 E Calebe disse: Aquele que ferir Quiriate-Sefer, e a tomar; a ele darei Acsa, minha filha, por esposa.
13 कालेब का एक छोटा भाई था जिसका नाम कनज था। कनज का एक पुत्र ओत्नीएल नाम का था। (ओत्नीएल कालेब का भतीजा था। ) ओत्नीएल ने किर्यत्सेपेर नगर को जीत लिया। इसलिए कालेब ने अपनी पुत्री अकसा को पत्नी के रूप में ओत्नीएल को दिया।
13 E Otniel, o filho de Quenaz, irmão mais novo de Calebe, tomou-a; e ele lhe deu Acsa, sua filha, por esposa.
14 जब अकसा ओत्नीएल के पास आई तब ओत्नीएल ने उससे कहा कि वह अपने पिता से कुछ भूमि माँगे। अकसा अपने पिता के पास गई। अत: वह अपने गधे से उतरी और कालेब ने पूछा, “क्या कठिनाई है?”
14 E sucedeu que, quando ela veio a ele, ela o levou a pedir ao seu pai um campo; e ela desceu do seu jumento; e Calebe lhe disse: O que queres?
15 अकसा ने कालेब को उत्तर दिया, “आप मुझे आशीर्वाद दें। आपनें मुझे नेगेव की सूखी मरुभूमि दी है। कृपया मुझे कुछ पानी के सोते वाली भूमि दें।” अत: कालेब ने उसे वह दिया जो वह चाहती थी। उसने उसे उस भूमि के ऊपर और नीचे के पानी के सोते दे दिये।
15 E ela lhe disse: Dá-me uma bênção; pois tu me deste uma terra ao sul; dá-me também fontes de água. E Calebe lhe deu as fontes do alto, e as fontes de baixo.
16 केनी लोगों ने ताड़वृक्षों के नगर (यरीहो) को छोड़ा और यहूदा के लोगों के साथ गए। वे लोग यहूदा की मरुभूमि में वहाँ के लोगों के साथ रहने गए। यह नेगेव में अराद नगर के पास था। (केनी लोग मूसा के ससुर के परिवार से थे।)
16 E os filhos do queneu, sogro de Moisés, subiram da cidade das palmeiras com os filhos de Judá para o deserto de Judá, que fica ao sul de Arade; e eles foram e habitaram no meio do povo.
17 कुछ कनानी लोग सपत नगर में भी रहते थे। इसलिए यहूदा के लोग और शिमोन के परिवार समूह के लोगों ने उन कनानी लोगों पर आक्रमण किया। उन्होंने नगर को पूर्णत: नष्ट कर दिया। इसलिये उन्होंने नगर का नाम होर्मा रखा।
17 E Judá foi com Simeão, seu irmão, e eles mataram os cananeus que habitavam em Zefate, e a destruíram por completo. E o nome da cidade passou a ser Horma.
18 यहूदा के लोगों ने अज्जा के नगर और उसके चारों ओर के छोटे नगरों पर भी अधिकार किया। यहूदा के लोगों ने अशकलोन और एक्रोन नगरों और उनके चारों ओर के छोटे नगरों पर भी अधिकार किया।
18 Judá também tomou Gaza com o seu termo, e Asquelom com o seu termo, e Ecrom com o seu termo.
19 यहोवा उस समय यहूदा के लोगों के साथ था, जब वे युद्ध कर रहे थे। उन्होंने पहाड़ी प्रदेश की भूमि पर अधिकार किया। किन्तु यहूदा के लोग घाटियों की भूमि लेने में असफल रहे क्योंकि वहाँ के निवासियों के पास लोहे के रथ थे।
19 E o SENHOR estava com Judá; e ele expulsou os habitantes do monte; mas não conseguiu expulsar os habitantes do vale, porque eles tinham carruagens de ferro.
20 मूसा ने कालेब को हेब्रोन के पास की भूमि देने का वचन दिया था। अत: वह भूमि कालेब के परिवार समूह को दी गई। कालेब के लोगों ने अनाक के तीन पुत्रों को वह स्थान छोड़ने को विवश किया। बिन्यामीन लोग यरूशलेम में बसते हैं।
20 E eles entregaram Hebrom a Calebe, como disse Moisés; e ele expulsou de lá os três filhos de Anaque.
21 बिन्यामीन परिवार के लोग यबूसी लोगों को यरूशलेम छोड़ने के लिये विवश न कर सके। उस समय से लेकर अब तक यबूसी लोग यरूशलेम में बिन्यामीन लोगों के साथ रहते आए हैं।
21 E os filhos de Benjamim não expulsaram os jebuseus que habitavam em Jerusalém, mas os jebuseus habitam com os filhos de Benjamim em Jerusalém até este dia.
22 युसूफ के परिवार समूह के लोग भी बेतेल नगर के विरुद्ध लड़ने गए। (बेतेल, लूज कहा जाता था।) यहोवा यूसुफ के परिवार समूह के लोगों के साथ था।
22 E a casa de José, eles também subiram contra Betel; e o SENHOR estava com eles.
23 यूसुफ के परिवार के लोगों ने कुछ जासूसों को बेतेल नगर को भेजा। (इन व्यक्तियों ने बेतेल नगर को हराने के उपाय का पता लगाया।)
23 E a casa de José mandou espionar Betel (Ora, o nome anterior da cidade era Luz).
24 जब वे जासूस बेतेल नगर को देख रहे थे तब उन्होंने एक व्यक्ति को नगर से बाहर आते देखा। जासूसों ने उस व्यक्ति से कहा, “हम लोगों को नगर में जाने का गुप्त मार्ग बताओ। हम लोग नगर पर आक्रमण करेंगे। किन्तु यदि तुम हमारी सहायता करोगे तो हम तुम्हें चोट नहीं पहुँचायेंगे।”
24 E os espiões viram um homem sair da cidade, e lhe disseram: Mostra-nos, rogamos-te, a entrada da cidade, e mostraremos misericórdia para contigo.
25 उस व्यक्ति ने जासूसों को नगर में जाने का गुप्त मार्ग बताया। यूसुफ के लोगों ने बेतेल के लोगों को मारने के लिये अपनी तलवार का उपयोग किया। किन्तु उन्होंने उस व्यक्ति को चोट नहीं पहुँचाई जिसने उन्हें सहायता दी थी और उन्होंने उसके परिवार के लोगों को चोट नहीं पहुँचाई। उस व्यक्ति और उसके परिवार को स्वतन्त्र जाने दिया गया।
25 E quando ele lhes mostrou a entrada da cidade, eles feriram a cidade com o fio da espada; mas deixaram ir aquele homem e toda a sua família.
26 वह व्यक्ति उस प्रदेश में गया जहाँ हित्ती लोग रहते थे और वहाँ उसने एक नगर बसाया। उसने उस नगर का नाम लूज रखा और वह आज भी वहाँ है।
26 E o homem foi para a terra dos heteus, e edificou uma cidade, e chamou o seu nome de Luz; e este é o seu nome até este dia.
27 कनानी लोग बेतशान, तानाक, दोर, यिबलाम, मगिद्दो और उनके चारों ओर के छोटे नगरों में रहते थे। मनश्शे के परिवार समूह के लोग उन लोगों को उन नगरों को छोड़ने के लिये विवश नहीं कर सके थे। इसलिए कनानी लोग वहाँ टिके रहे। उन्होने अपना घर छोड़ने से इन्कार कर दिया।
27 Manassés não expulsou os habitantes de Bete-Seã e das suas aldeias, nem Taanaque e suas aldeias, nem os habitantes de Dor e das suas aldeias, nem os habitantes de Ibleão e das suas aldeias, nem os habitantes de Megido e suas cidades; mas os cananeus habitaram naquela terra.
28 बाद में इस्राएल के लोग अधिक शक्तिशाली हुए और कनानी लोगों को दासों की तरह अपने लिए काम करने के लिये विवश किया। किन्तु इस्राएल के लोग सभी कनानी लोगों से उनका प्रदेश न छुड़वा सके।
28 E sucedeu que, quando Israel se fortaleceu, eles colocaram os cananeus sob tributo, e não os expulsaram por completo.
29 यही बात एप्रैम के परिवार समूह के साथ हुई। कनानी लोग गेजेर में रहते थे और एप्रैम के लोग सभी कनानी लोगों से उनका देश न छुड़वा सके। इसलिए कनानी लोग एप्रैम के लोगों के साथ गेजेर में रहते चले आए।
29 Tampouco Efraim expulsou os cananeus que habitavam em Gezer, mas os cananeus habitaram em Gezer entre eles.
30 जबूलून के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। कित्रोन और नहलोल नगरों मे कुछ कनानी लोग रहते थे। जबूलून के लोग उन लोगों से उनका देश न छुड़वा सके। वे कनानी लोग टिके रहे और जबूलून लोगों के साथ रहते चले आए। किन्तु जबूलून के लोगों ने उन लोगों को दासों की तरह काम करने को विवश किया।
30 Zebulom não expeliu os habitantes de Quitrom, nem os habitantes de Naalol; mas os cananeus habitaram entre eles, e se tornaram tributários.
31 आशेर के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। आशेर के लोग उन लोगों से अक्को, सीदोन, अहलाब, अकजीब, हेलबा, अपीक और रहोब नगरों को न छुड़वा सके।
31 Aser não expeliu os habitantes de Aco, nem os habitantes de Sidom, nem os de Alabe, nem os de Aczibe, nem os de Helba, nem os de Afeque, nem os de Reobe;
32 आशेरके लोग कनानी लोगों से अपना देश न छुडवा सके। इसलिए कनानी लोग आशेर के लोगों के साथ रहते चले आए।
32 mas os aseritas habitaram no meio dos cananeus, os habitantes da terra; pois eles não os expulsaram.
33 नप्ताली के परिवार समूह के साथ भी यही बात हुई। नप्ताली परिवार के लोग उन लोगों से बेतशेमेश और बेतनात नगरों को न छुड़वा सके। इसलिए नप्ताली के लोग उन नगरों में उन लोगों के साथ रहते चले आए। वे कनानी लोग नप्ताली लोगों के लिए दासों की तरह काम करते रहे।।
33 Naftali não expulsou os habitantes de Bete-Semes, nem os habitantes de Bete-Anate; mas habitou no meio dos cananeus, os habitantes da terra; todavia, os habitantes de Bete-Semes e os de Bete-Anate se tornaram seus tributários.
34 एमोरी लोगों ने दान के परिवार समूह के लोगों को पहाड़ी प्रदेश में रहने के लिये विवश कर दिया। दान के लोगों को पहाड़ियों मे ठहरना पड़ा क्योंकि एमोरी लोग उन्हें घाटियों में उतर कर नहीं रहने देते थे।
34 E os amorreus forçaram os filhos de Dã até o monte; pois não o fariam descer até o vale;
35 एमोरी लोगों ने हेरेस पर्वत, अय्यलोन तथा शालबीम में ठहरने का निश्चय किया। बाद में, यूसुफ का परिवार समूह शाक्तिशाली हो गया। तब उन्होंने एमोरी लोगों से दासों की तरह काम लिया।
35 mas os amorreus habitariam no monte Heres, em Aijalom, e em Saalabim; contudo, a mão da casa de José prevaleceu, e assim eles se tornaram tributários.
36 एमोरी लोगों का प्रदेश बिच्छू दर्रे से सेला और सेला के परे पहाड़ी प्रदेश तक था।
36 E o termo dos amorreus era da subida de Acrabim, a partir da rocha, e para cima.
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