Jó 35

पवित्र बाइबल (HIN2010)

1 एलीहू कहता चला गया। वह बोला:

2 “अय्यूब, यह तेरे लिये कहना उचित नहीं की

3 अय्यूब, तू परमेश्वर से पूछता है कि

4 “अय्यूब, मैं (एलीहू) तुझको और तेरे मित्रों को जो यहाँ तेरे साथ हैं उत्तर देना चाहता हूँ।

5 अय्यूब! उपर देख

6 अय्यूब, यदि तू पाप करें तो परमेश्वर का कुछ नहीं बिगड़ता,

7 अय्यूब, यदि तू भला है तो इससे परमेश्वर का भला नहीं होता,

8 अय्यूब, तेरे पाप स्वयं तुझ जैसे मनुष्य को हानि पहुँचाते हैं,

9 “लोगों के साथ जब अन्याय होता है और बुरा व्यवहार किया जाता है,

10 किन्तु वे परमेश्वर से सहायता नहीं माँगते।

11 वे ये नहीं कहा करते कि,

12 “किन्तु बुरे लोग अभिमानी होते है,

13 यह सच है कि परमेश्वर उनकी व्यर्थ की दुहाई को नहीं सुनेगा।

14 अय्यूब, इसी तरह परमेश्वर तेरी नहीं सुनेगा,

15 “अय्यूब, तू सोचता है कि परमेश्वर दुष्टों को दण्ड नहीं देता है

16 इसलिये अय्यूब निज व्यर्थ बातें करता रहता है।

Ler em outra tradução

Comparar lado a lado

Estude este capítulo no WhatsApp

Peça à IA da Bíblia Fala para explicar Jó 35, comparar traduções ou montar um estudo — tudo direto pelo WhatsApp.