Isaías 36

पवित्र बाइबल (HIN2010) vs BKJ

Sair da comparação
1 हिजकिय्याह यहूदा का राजा था और सन्हेरीब अश्शूर का राजा था। हिजकिय्याह के शासन के चौदहवें वर्ष में सन्हेरीब ने यहूदा के किलाबन्द नगरों से युद्ध किया और उसने उन नगरों को हरा दिया।
1 Então, aconteceu no ano décimo quarto do rei Ezequias, que Senaqueribe, rei da Assíria, subiu contra todas as cidades protegidas de Judá e as tomou.
2 सन्हेरीब ने अपने सेनापति को यरूशलेम से लड़ने को भेजा। वह सेनापति लाकीश को छोड़कर यरूशलेम में राजा हिजकिय्याह के पास गया। वह अपने साथ एक शक्तिशाली सेना को भी ले गया था। वह सेनापति अपनी सेना के साथ नहर के पास वाली सड़क पर गया। (यह सड़क उस नहर के पास है जो ऊपर वाले पोखर से आती है।)
2 E o rei da Assíria enviou Rabsaqué de Láquis a Jerusalém ao rei Ezequias, com um grande exército. E ele se posicionou próximo ao aqueduto do reservatório superior, na estrada do campo do lavandeiro.
3 यरूशलेम के तीन व्यक्ति सेनापति से बात करने के लिये बाहर निकल कर गये। ये लोग थे हिल्किय्याह का पुत्र एल्याकीम, आसाप का पुत्र योआह और शेब्ना। एल्याकीम महल का सेवक था। योआह कागज़ात को संभाल कर रखने का काम करता था और शेब्ना राजा का सचिव था।
3 Então, saíram até ele Eliaquim, o filho de Hilquias, o qual administrava a casa, e Sebna, o escriba, e Joá, filho de Asafe, o cronista.
4 सेनापति ने उनसे कहा, “तुम लोग, राजा हिजकिय्याह से जाकर ये बातें कहो: महान राजा, अश्शूर का राजा कहता है:
4 E Rabsaqué disse-lhes: Dizei vós agora a Ezequias. Desta forma diz o grande rei, o rei da Assíria: Que confiança é esta na qual te firmas?
5 मैं तुम्हें. बताता हूँ कि यदि युद्ध में तुम्हारा विश्वास शक्ति और कुशल योजनाओं पर है तो वह व्यर्थ है। वे कोरे शब्दों के अतिरिक्त कुछ नहीं हैं। इसलिए तुम मुझ से युद्ध क्यों कर रहे हो
5 Eu digo: Fala tu! (Porém, elas são apenas vãs palavras). Eu tenho conselho e força para a guerra. Agora, em quem tu confias, visto que te rebelas contra mim?
6 अब मैं तुमसे पूछता हूँ, तुम सहायता पाने के लिये किस पर भरोसा करते हो क्या तुम सहायता के लिये मिस्र पर निर्भर हो मिस्र तो एक टूटी हुई लाठी के समान है। यदि तुम सहारा पाने को उस पर टिकोगे तो वह तुम्हें बस हानि ही पहुँचायेगी और तुम्हारे हाथ में एक छेद बना देगी। मिस्र के राजा फिरौन पर किसी भी व्यक्ति के द्वारा सहायता पाने के लिये भरोसा नहीं किया जा सकता।
6 Vê! Tu confias no bastão desta cana quebrada, no Egito, sobre o qual se um homem se apoiar, ele entrará em sua mão e a perfurará. Desta forma, é Faraó, rei do Egito, para com todos que confiam nele.
7 “‘किन्तु हो सकता है तुम कहो, “हम सहायता पाने के लिये अपने यहोवा परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं।” किन्तु मेरा कहना है कि हिजकिय्याह ने यहोवा की वेदियों को और पूजा के ऊँचे स्थानों को नष्ट कर दिया है। यह सत्य है, सही है यह सत्य है कि यहूदा और यरूशलेम से हिजकिय्याह ने ये बातें कही थीं: “तुम यहाँ यरूशलेम में बस एक इसी वेदी पर उपासना किया करोगे।”
7 Porém, se tu me disseres: Nós confiamos no ­SENHOR nosso Deus. Não é esse aquele cujos lugares elevados e cujos altares Ezequias tem removido, e dito para Judá e para Jerusalém: Vós adorareis perante este altar?
8 “‘यदि तुम अब भी मेरे स्वामी से युद्ध करना चाहते हो तो अश्शूर का राजा तुमसे यह सौदा करना चाहेगा: राजा का कहना है, ‘यदि युद्ध में तुम्हारे पास घुड़सवार पूरे हैं तो मैं तुम्हें दो हजार घोड़े दे दूँगा।’
8 Agora, portanto, faz promessas solenes, eu rogo a ti, ao meu senhor, o rei da Assíria, e eu darei a ti dois mil cavalos se tu fores capaz, em tua parte do acordo, de dispor cavaleiros sobre eles.
9 किन्तु इतना होने पर भी तुम मेरे स्वामी के ऐक सेवक तक को नहीं हरा पाओगे। उसके किसी छोटे से छोटे अधिकारी तक को तुम नहीं हरा पाओगे। इसलिए तुम मिस्र के घुड़सवार और रथों पर अपना भरोसा क्यों बनाये रखते हो।
9 Como, então, irás tu desviar a face de um capitão do menor dos servos de meu senhor, e colocar tua confiança no Egito, para carruagens e para cavaleiros?
10 “‘और अब देखो जब मैं इस देश में आया था और मैंने युद्ध किया था, यहोवा मेरे साथ था। जब मैंने नगरों को उजाड़ा, यहोवा मेरे साथ था। यहोवा मुझसे कहा करता था, “खड़ा हो। इस नगरी में जा और इसे ध्वस्त कर दे।’””
10 E, estou eu agora a subir sem o ­SENHOR a esta terra para destruí-la? O ­SENHOR disse para mim: Sobe contra esta terra e destrói-a.
11 यरूशलेम के तीनों व्यक्तियों, एल्याकीम, शेब्ना और योआह ने सेनापति से कहा, “कृपा करके हमारे साथ अरामी भाषा में ही बात कर। क्योंकि इसे हम समझ सकते हैं। तू यहूदी भाषा में हमसे मत बोल। यदि तू यहूदी भाषा का प्रयोग करेगा तो नगर परकोटे पर के सभी लोग तुझे समझ जायेंगे।”
11 Então, disse Eliaquim, e Sebna, e Joá a Rabsaqué: Fala, eu rogo a ti, a teus servos na linguagem dos sírios, porque nós a entendemos, e não nos fale na linguagem dos judeus, aos ouvidos do povo que está sobre o muro.
12 इस पर सेनापति ने कहा, “मेरे स्वामी ने मुझे ये बातें बस तुम्हें और तुम्हारे स्वामी हिजकिय्याह को ही सुनाने के लिए नहीं भेजा है। मेरे स्वामी ने मुझे इन बातों को उन्हें बताने के लिए भेजा है जो लोग नगर परकोटे पर बैठे हैं। उन लोगों को न तो पूरा खाना मिलता है और न पानी। सो उन्हें अपने मलमूत्र को तुम्हारी ही तरह खाना—पीना होगा।”
12 Porém, Rabsaqué disse: Tem o meu senhor me enviado ao teu senhor e a ti para dizer estas palavras? Ele não tem me enviado aos homens que sentam sobre o muro, os quais podem comer suas próprias fezes e beber seu próprio mijo juntamente convosco?
13 फिर सेनापति ने खड़े हो कर ऊँचे स्वर में कहा। वह यहूदी भाषा में बोला।
13 Então, Rabsaqué levantou-se e gritou em alta voz na linguagem dos judeus, e disse: Ouvi vós as palavras do grande rei, o rei da Assíria.
14 सेनापति ने कहा, “महासम्राट अश्शूर के राजा के शब्दों को सुनो:
14 Desta forma diz o rei: Não deixeis Ezequias vos enganar, porque ele não será capaz de vos livrar.
15 हिजकिय्याह जब यह कहता है, “यहोवा में विश्वास रखो! यहोवा अश्शूर के राजा से हमारी रक्षा करेगा। यहोवा अश्शूर के राजा को हमारे नगर को हराने नहीं देगा तो उस पर विश्वास मत करो।”
15 Nem deixeis Ezequias vos fazer confiar no ­SENHOR, dizendo: O ­SENHOR certamente nos livrará. Esta cidade não será entregue na mão do rei da Assíria.
16 “‘हिजकिय्याह के इन शब्दों की अनसुनी करो। अश्शूर के राजा की सुनो! अश्शूर के राजा का कहना है, “हमे एक सन्धि करनी चाहिये। तुम लोग नगर से बाहर निकल कर मेरे पास आओ। फिर हर व्यक्ति अपने घर जाने को स्वतन्त्र होगा। हर व्यक्ति अपने अँगूर की बेलों से अँगूर खाने को स्वतन्त्र होगा और हर व्यक्ति अपने अंजीर के पेंड़ों के फल खाने को स्वतन्त्र होगा। स्वयं अपने कुँए का पानी पीने को हर व्यक्ति स्वतन्त्र होगा।
16 Não escuteis a Ezequias, porquanto assim diz o rei da Assíria: Façam um acordo comigo por intermédio de um presente e saiam até a mim, e comei vós cada um de sua vinha, e cada um de sua figueira, e bebei vós cada um as águas de sua própria cisterna.
17 जब तक मैं आकर तुम्हें तुम्हारे ही जैसे एक देश में न ले जाऊँ, तब तक तुम ऐसा करते रह सकते हो। उस नये देश में तुम अच्छा अनाज और नया दाखमधु पाओगे। उस धरती पर तुम्हें रोटी और अँगूर के खेत मिलेंगे।”
17 Até que eu venha, e vos leve para uma terra semelhante a vossa própria terra, uma terra de grão e vinho, uma terra de pão e vinhas.
18 “‘हिजकिय्याह को तुम अपने को मूर्ख मत बनाने दो। वह कहता है, “यहोवा हमारी रक्षा करेगा।” किन्तु मैं तुमसे पूछता हूँ क्या किसी दूसरे देश का कोई भी देवता वहाँ के लोगों को अश्शूर के राजा की शक्ति से बचा पाया नहीं! हमने वहाँ के हर व्यक्ति को हरा दिया।
18 Acautelai-vos de deixar Ezequias vos persuadir, dizendo: O ­SENHOR nos livrará. Têm quaisquer dos deuses das nações livrado suas terras da mão do rei da Assíria?
19 हमात और अर्पाद के देवता आज कहाँ हैं उन्हें हरा दिया गया है। सपर्वेम के देवता कहाँ हैं वे हरा दिये गये हैं और क्या शोमरोन के देवता वहाँ के लोगों को मेरी शक्ति से बचा पाये नहीं।
19 Onde estão os deuses de Hamate e Arpade? Onde estão os deuses de Sevarfaim? E têm eles livrado Samaria, tirando-os da minha mão?
20 किसी भी देश अथवा जाति के ऐसे किसी भी एक देवता का नाम मुझे बताओ जिसने वहाँ के लोगों को मेरी शक्ति से बचाया है। मैंने उन सब को हरा दिया। इसलिए देखो मेरी शक्ति से यरूशलेम को यहोवा नहीं बचा पायेगा।’”
20 Quem são eles, dentre todos os deuses destas terras, que têm livrado sua terra da minha mão, para que o ­SENHOR deva livrar Jerusalém da minha mão?
21 यरूशलेम के लोग एक दम चुप रहे। उन्होंने सेनापति को कोई उतर नहीं दिया। हिजकिय्याह ने लोगों को आदेश दिया था कि वे सेनापति को कोई उत्तर न दें।
21 Porém, eles mantiveram a serenidade deles e não responderam a ele uma palavra, porquanto a ordem do rei era, dizendo: Não o respondam.
22 इसके बाद महल के सेवक (हिल्किय्याह के पुत्र एल्याकीम) राजा के सचिव (शेब्ना) और दफतरी (आसाप के पुत्र योआह) ने अपने वस्त्र फाड़ डाले। इससे यह प्रकट होता है कि वे बहुत दु:खी थे वे तीनों व्यक्ति हिजकिय्याह के पास गये और सेनापति ने जो कुछ उनसे कहा था, वह सब उसे कह सुनाया।
22 Então, veio Eliaquim, o filho de Hilquias, o qual era o mordomo, e Sebna, o escriba, e Joá, o filho de Asafe, o cronista, até Ezequias com suas vestes rasgadas, e contaram a ele as palavras de Rabsaqué.

Ler em outra tradução

Comparar com outra

Estude este capítulo no WhatsApp

Peça à IA da Bíblia Fala para explicar Isaías 36, comparar traduções ou montar um estudo — tudo direto pelo WhatsApp.