Isaías 36

पवित्र बाइबल (HIN2010) vs ARA

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ARA Almeida Revista e Atualizada 1993
1 हिजकिय्याह यहूदा का राजा था और सन्हेरीब अश्शूर का राजा था। हिजकिय्याह के शासन के चौदहवें वर्ष में सन्हेरीब ने यहूदा के किलाबन्द नगरों से युद्ध किया और उसने उन नगरों को हरा दिया।
1 No ano décimo quarto do rei Ezequias, subiu Senaqueribe, rei da Assíria, contra todas as cidades fortificadas de Judá e as tomou.
2 सन्हेरीब ने अपने सेनापति को यरूशलेम से लड़ने को भेजा। वह सेनापति लाकीश को छोड़कर यरूशलेम में राजा हिजकिय्याह के पास गया। वह अपने साथ एक शक्तिशाली सेना को भी ले गया था। वह सेनापति अपनी सेना के साथ नहर के पास वाली सड़क पर गया। (यह सड़क उस नहर के पास है जो ऊपर वाले पोखर से आती है।)
2 O rei da Assíria enviou Rabsaqué, de Laquis a Jerusalém, ao rei Ezequias, com grande exército; parou ele na extremidade do aqueduto do açude superior, junto ao caminho do campo do lavadeiro.
3 यरूशलेम के तीन व्यक्ति सेनापति से बात करने के लिये बाहर निकल कर गये। ये लोग थे हिल्किय्याह का पुत्र एल्याकीम, आसाप का पुत्र योआह और शेब्ना। एल्याकीम महल का सेवक था। योआह कागज़ात को संभाल कर रखने का काम करता था और शेब्ना राजा का सचिव था।
3 Então, saíram a encontrar-se com ele Eliaquim, filho de Hilquias, o mordomo, Sebna, o escrivão, e Joá, filho de Asafe, o cronista.
4 सेनापति ने उनसे कहा, “तुम लोग, राजा हिजकिय्याह से जाकर ये बातें कहो: महान राजा, अश्शूर का राजा कहता है:
4 Rabsaqué lhes disse: Dizei a Ezequias: Assim diz o sumo rei, o rei da Assíria: Que confiança é essa em que te estribas?
5 मैं तुम्हें. बताता हूँ कि यदि युद्ध में तुम्हारा विश्वास शक्ति और कुशल योजनाओं पर है तो वह व्यर्थ है। वे कोरे शब्दों के अतिरिक्त कुछ नहीं हैं। इसलिए तुम मुझ से युद्ध क्यों कर रहे हो
5 Bem posso dizer-te que teu conselho e poder para a guerra não passam de vãs palavras; em quem, pois, agora confias, para que te rebeles contra mim?
6 अब मैं तुमसे पूछता हूँ, तुम सहायता पाने के लिये किस पर भरोसा करते हो क्या तुम सहायता के लिये मिस्र पर निर्भर हो मिस्र तो एक टूटी हुई लाठी के समान है। यदि तुम सहारा पाने को उस पर टिकोगे तो वह तुम्हें बस हानि ही पहुँचायेगी और तुम्हारे हाथ में एक छेद बना देगी। मिस्र के राजा फिरौन पर किसी भी व्यक्ति के द्वारा सहायता पाने के लिये भरोसा नहीं किया जा सकता।
6 Confias no Egito, esse bordão de cana esmagada, o qual, se alguém nele apoiar-se, lhe entrará pela mão e a traspassará; assim é Faraó, rei do Egito, para com todos os que nele confiam.
7 “‘किन्तु हो सकता है तुम कहो, “हम सहायता पाने के लिये अपने यहोवा परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं।” किन्तु मेरा कहना है कि हिजकिय्याह ने यहोवा की वेदियों को और पूजा के ऊँचे स्थानों को नष्ट कर दिया है। यह सत्य है, सही है यह सत्य है कि यहूदा और यरूशलेम से हिजकिय्याह ने ये बातें कही थीं: “तुम यहाँ यरूशलेम में बस एक इसी वेदी पर उपासना किया करोगे।”
7 Mas, se me dizes: Confiamos no Senhor , nosso Deus, não é esse aquele cujos altos e altares Ezequias removeu e disse a Judá e a Jerusalém: Perante este altar adorareis?
8 “‘यदि तुम अब भी मेरे स्वामी से युद्ध करना चाहते हो तो अश्शूर का राजा तुमसे यह सौदा करना चाहेगा: राजा का कहना है, ‘यदि युद्ध में तुम्हारे पास घुड़सवार पूरे हैं तो मैं तुम्हें दो हजार घोड़े दे दूँगा।’
8 Ora, pois, empenha-te com meu senhor, rei da Assíria, e dar-te-ei dois mil cavalos, se de tua parte achares cavaleiros para os montar.
9 किन्तु इतना होने पर भी तुम मेरे स्वामी के ऐक सेवक तक को नहीं हरा पाओगे। उसके किसी छोटे से छोटे अधिकारी तक को तुम नहीं हरा पाओगे। इसलिए तुम मिस्र के घुड़सवार और रथों पर अपना भरोसा क्यों बनाये रखते हो।
9 Como, pois, se não podes afugentar um só capitão dos menores dos servos do meu senhor, confias no Egito por causa dos carros e cavaleiros?
10 “‘और अब देखो जब मैं इस देश में आया था और मैंने युद्ध किया था, यहोवा मेरे साथ था। जब मैंने नगरों को उजाड़ा, यहोवा मेरे साथ था। यहोवा मुझसे कहा करता था, “खड़ा हो। इस नगरी में जा और इसे ध्वस्त कर दे।’””
10 Acaso, subi eu agora sem o Senhor contra esta terra, para a destruir? Pois o Senhor mesmo me disse: Sobe contra a terra e destrói-a.
11 यरूशलेम के तीनों व्यक्तियों, एल्याकीम, शेब्ना और योआह ने सेनापति से कहा, “कृपा करके हमारे साथ अरामी भाषा में ही बात कर। क्योंकि इसे हम समझ सकते हैं। तू यहूदी भाषा में हमसे मत बोल। यदि तू यहूदी भाषा का प्रयोग करेगा तो नगर परकोटे पर के सभी लोग तुझे समझ जायेंगे।”
11 Então, disseram Eliaquim, Sebna e Joá a Rabsaqué: Pedimos-te que fales em aramaico aos teus servos, porque o entendemos, e não nos fales em judaico, aos ouvidos do povo que está sobre os muros.
12 इस पर सेनापति ने कहा, “मेरे स्वामी ने मुझे ये बातें बस तुम्हें और तुम्हारे स्वामी हिजकिय्याह को ही सुनाने के लिए नहीं भेजा है। मेरे स्वामी ने मुझे इन बातों को उन्हें बताने के लिए भेजा है जो लोग नगर परकोटे पर बैठे हैं। उन लोगों को न तो पूरा खाना मिलता है और न पानी। सो उन्हें अपने मलमूत्र को तुम्हारी ही तरह खाना—पीना होगा।”
12 Mas Rabsaqué lhes respondeu: Mandou-me, acaso, o meu senhor para dizer-te estas palavras a ti somente e a teu senhor? E não, antes, aos homens que estão assentados sobre os muros, para que comam convosco o seu próprio excremento e bebam a sua própria urina?
13 फिर सेनापति ने खड़े हो कर ऊँचे स्वर में कहा। वह यहूदी भाषा में बोला।
13 Então, Rabsaqué se pôs em pé, e clamou em alta voz em judaico, e disse: Ouvi as palavras do sumo rei, do rei da Assíria.
14 सेनापति ने कहा, “महासम्राट अश्शूर के राजा के शब्दों को सुनो:
14 Assim diz o rei: Não vos engane Ezequias; porque não vos poderá livrar.
15 हिजकिय्याह जब यह कहता है, “यहोवा में विश्वास रखो! यहोवा अश्शूर के राजा से हमारी रक्षा करेगा। यहोवा अश्शूर के राजा को हमारे नगर को हराने नहीं देगा तो उस पर विश्वास मत करो।”
15 Nem tampouco Ezequias vos faça confiar no Senhor , dizendo: O Senhor certamente nos livrará, e esta cidade não será entregue nas mãos do rei da Assíria.
16 “‘हिजकिय्याह के इन शब्दों की अनसुनी करो। अश्शूर के राजा की सुनो! अश्शूर के राजा का कहना है, “हमे एक सन्धि करनी चाहिये। तुम लोग नगर से बाहर निकल कर मेरे पास आओ। फिर हर व्यक्ति अपने घर जाने को स्वतन्त्र होगा। हर व्यक्ति अपने अँगूर की बेलों से अँगूर खाने को स्वतन्त्र होगा और हर व्यक्ति अपने अंजीर के पेंड़ों के फल खाने को स्वतन्त्र होगा। स्वयं अपने कुँए का पानी पीने को हर व्यक्ति स्वतन्त्र होगा।
16 Não deis ouvidos a Ezequias; porque assim diz o rei da Assíria: Fazei as pazes comigo e vinde para mim; e comei, cada um da sua própria vide e da sua própria figueira, e bebei, cada um da água da sua própria cisterna;
17 जब तक मैं आकर तुम्हें तुम्हारे ही जैसे एक देश में न ले जाऊँ, तब तक तुम ऐसा करते रह सकते हो। उस नये देश में तुम अच्छा अनाज और नया दाखमधु पाओगे। उस धरती पर तुम्हें रोटी और अँगूर के खेत मिलेंगे।”
17 até que eu venha e vos leve para uma terra como a vossa; terra de cereal e de vinho, terra de pão e de vinhas.
18 “‘हिजकिय्याह को तुम अपने को मूर्ख मत बनाने दो। वह कहता है, “यहोवा हमारी रक्षा करेगा।” किन्तु मैं तुमसे पूछता हूँ क्या किसी दूसरे देश का कोई भी देवता वहाँ के लोगों को अश्शूर के राजा की शक्ति से बचा पाया नहीं! हमने वहाँ के हर व्यक्ति को हरा दिया।
18 Não vos engane Ezequias, dizendo: O Senhor nos livrará. Acaso, os deuses das nações livraram cada um a sua terra das mãos do rei da Assíria?
19 हमात और अर्पाद के देवता आज कहाँ हैं उन्हें हरा दिया गया है। सपर्वेम के देवता कहाँ हैं वे हरा दिये गये हैं और क्या शोमरोन के देवता वहाँ के लोगों को मेरी शक्ति से बचा पाये नहीं।
19 Onde estão os deuses de Hamate e de Arpade? Onde estão os deuses de Sefarvaim? Acaso, livraram eles a Samaria das minhas mãos?
20 किसी भी देश अथवा जाति के ऐसे किसी भी एक देवता का नाम मुझे बताओ जिसने वहाँ के लोगों को मेरी शक्ति से बचाया है। मैंने उन सब को हरा दिया। इसलिए देखो मेरी शक्ति से यरूशलेम को यहोवा नहीं बचा पायेगा।’”
20 Quais são, dentre todos os deuses destes países, os que livraram a sua terra das minhas mãos, para que o Senhor livre a Jerusalém das minhas mãos?
21 यरूशलेम के लोग एक दम चुप रहे। उन्होंने सेनापति को कोई उतर नहीं दिया। हिजकिय्याह ने लोगों को आदेश दिया था कि वे सेनापति को कोई उत्तर न दें।
21 Eles, porém, se calaram e não lhe responderam palavra; porque assim lhes havia ordenado o rei, dizendo: Não lhe respondereis.
22 इसके बाद महल के सेवक (हिल्किय्याह के पुत्र एल्याकीम) राजा के सचिव (शेब्ना) और दफतरी (आसाप के पुत्र योआह) ने अपने वस्त्र फाड़ डाले। इससे यह प्रकट होता है कि वे बहुत दु:खी थे वे तीनों व्यक्ति हिजकिय्याह के पास गये और सेनापति ने जो कुछ उनसे कहा था, वह सब उसे कह सुनाया।
22 Então, Eliaquim, filho de Hilquias, o mordomo, e Sebna, o escrivão, e Joá, filho de Asafe, o cronista, rasgaram suas vestes, vieram ter com Ezequias e lhe referiram as palavras de Rabsaqué.

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