Lucas 12

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1 यीसु कोनी जघा मा पिराथना करत होतो। जबा पिराथना पूरो भई गयो हो तो। गरदी एतरो तकन बढ गई की लोकगीन एक दुजो पर पड़त होतीन। तबा यीसु चेला गीन लक कव्हन लग्यो। मोसे को नियम को गुरूगीन को कपट लक सतरक रव्हने।

2 असो काही झाको नाहत जोन उघाडो न जाहेत अखीन अदी लुको नहात जोन जानो ना जाये।

3 एकोलाय जो काही तुम्हीना इन्धार मा सांग सेव उ उजयाला मा आयको जाहेत। अखीन जो काही तुम्हीला खोली मा सांगे सेव उ अटारी को वोरता लक सबला परचार करो।

4 ओ मोरो संगी हुन तुम्हीला सांगसू जो तुमी लोक गीनको तन ला नास करयेत उन लक नोको डराव पर एको मघा अखीन काही नही कर सकेत।

5 मी तुम्ही ला चोवके कव्हसू कोनी लक डराव ये वोको लक डरो जो मरनो को बाद मा जोनला नरक मा डाकन को अधिकार सेत वोको लक डराओ।

6 उ दुई पैसा मा पाँच चिड़िया मिलासे मंग भी परमेस्वर उन मा लक एक ला नही भूलासे।

7 तुम्ही भेव नोको खाव तुम्हारो जान गजब सो चिड़िया गीन लक जादा कीमती सेत परमेस्वर ना तुम्हारो डोस्का को चुन्दी गिनके राखिसेस।

8 मि तुम्‍ही लक कव्हासू जो कोनी मानूस गीनको पुढा मोला मानसे मानूस को टूरा सरगदूत अखीन परमेस्वर को सामने मान लेवासु का यो ला मी जानासू।

9 पर जो मानूस गीन को पुढा मोला मुकर जायेत अखीन सांगासे कोन यीसु से? तो मी परमेस्वर अखीन सरगदूत गीन को पूढा सांगू मी भी यो ला नही जानासू यो कोन सेत?

10 जोन कोनी मानूस को टूरा को विरोध मा गोस्टी सांगेत वोको दोस छिमा हो जाहेत, पर जोन कोनी पवीतर आतमा को विरोध मा निन्दा करेत वोको अपराध छिमा नही होयेत।

11 जबा लोग गीन तुम्हीला सभाघर मा न्यायलय मा अधिकारी गीन को कठा लिजायेत तो हमी काजक सांगबीन सोचके नोको घबराने।

12 काहेका वोच बेरा मा काजक कव्हनो सेत पवीतर आतमा तुम्ही ला सीका देहेत।

13 भीड़ लक एक मानूस चिल्लायो, हे गुरू! मोरो भाऊ लक हुकूम देव, का धन को बटवारा कर देवे।

14 यीसु ना कव्हयो कोन ना मोला तुम्हारो न्यायी ठहराई सेस।

15 यीसु ना भीड़ लक कव्हयो कोनी को सम्पती वोको जान लक बड़के नही होय सका से, पर यो काजी आपरो आप ला लोभ लक बचाये राखो।

16 वोना एक उदाहरन लक समजावन लग्यो कोनी धनवान को जमीन मा गजब फसल पीकी।

17 तबा उ आपरो मन मा विचार करन लग्यो फसल राखन काजी अता मी काजक करु?

18 अखीन वोना सोचीस का घर मा ढोला गिनला तोड के उनला मोठी बनाके ना वहान गँहु ठे देहू।

19 तबा मि आपरो मन ला सांगू, “हे मोरो मन, तोरो जवर लगत बरस को साठी लगत सी जायदाद राखीसे। सुख मनाय अना जेवन कर, खुसी मनाव।” साजरो-साजरो रव्हो अखीन चैन लक जिंदगानी करेत।

20 पर परमेस्वर ना ओला साँगीस, हे मन्द डिमाक! आजच रात मा तोरो पिरान तोरो लक हर लियो जाहे, तबा तु अपरो धन सम्पती ला काजक करजोस अखीन जोन राखी सेस कोन को भई जाहेत?

21 जोन मानूस आपरो काजी धन जोड़ासे वा यो मुरख जसो सेत, परमेस्वर को नजर मा कोनी धनी नहात।

22 मंग आपरो चेला गीन ला कव्हासे, ऐना करन लक मि तुमरो लक कव्हसू, “आपरो जान लाई असो कव्हके चिन्ता नोको करने, की हमी काजक जेवन करबीन देह मा काजक पहनबीन?

23 काहेका जान सेत तो जेवन सेत, अखीन तन सेत तो कपरा सेत।

24 कावरा पर ध्यान देव! वा ना बोवासे ना कापासे ना कोठी मा ठेवासे तबा भी परमेस्वर वोला पालासे तुम्ही कावरा अखीन पंखेरु ला बढ़के सेव।

25 तुम्ही मा असो कोन सेत जो चिन्ता करके ना आपरो जिंदगी को बेरा बढा सकासे?

26 अदी एतरो नान्होसो काम तुम्ही नही कर सकसो ता काजक लाय चिन्ता करोसेव?”

27 “पहाड़ी को तराई कन ध्यान देव वहान जंगल को फुल कसो बढासे वोना आसो चोवसे का राजा सुलेमान को महिमा अना राजसी कपरा वोको पूढा फैल सेत।

28 यो काजी बर्रा को गवथ ला जोन आज सेत कल स्तो को भट्टा मा डाख्यो जाहेत परमेस्वर वोला असो हरो भरो राखासे, तो हे कच्चो भरोसा राखन वालो! तुम्हीला काहे साजरो कपरा नही पहनायेत?”

29 “तुम्ही सक नोको करो का काजक जेवबीन अखीन काजक पहनबीन?

30 काहेका संसार को सप्पा मानूस मजे गैरयहुदी खुद जानासे का तुम्ही ला ये पाहिजेत।

31 पर सब लक पुढा परमेस्वर को राज अखीन न्याय ला खोजो तबा सबा चीज तुम्ही ला मिल जाहेत।

32 हे नान्हो हेड़ डराव नोको! परमेस्वर को इक्सा सेत, का तुम्ही ला राज देहेत।”

33 “आपरो धन-सम्पती बिक देव अना दान कर देव, अना आपरो कना असो पियुसी राखो, जोन जूनो नही होवासे, मजे सरग मा असो धन जमा करो जोन कमी नही होवासेत अना जोन को जवर चोर नही जावासेत, अना किड़ा काही बिगाड़ सकत।

34 काहे का जहा तिजोरी मा तुमरो धन से, वहाच तुमरो मन लगो रव्हेत।”

35 “दियो पेटाव के ठेयो अखीन अपरो कमर बान्ध के ना तैय्यार रव्हने,

36 अना तुम्ही वोना दास को जसो बनो, जोन आपरो मालीक को बाट जोहत रव्हसे का लग्न को जेवन करके ला कबा आहेत? अखीन मी किवाड़ खोलू।

37 धन्य सेत वय दास जेनला वोको मालीक को आवनो पर जागतो मिल्हेत, मी तुम्ही लक खरो कव्हसू, मालीक उन ला पूरी तैय्यारी को सँगा जेवन लाय बसाहे, अना जवर आयके उनको सेवा करहे।

38 धन्य सेत उ दास, जबा वोको मालीक रात मा कभ्भू भी आहेत, अना वोला निगरानी करतो पाहेत।

39 यो साजरो लक समजलो का, यदि घर को मालीक ला मालूम हो तो का चोर कबा आवन वालो सेत, तो घर मा सेन्ध नही लगन देतो।

40 तुमी तैय्यार रव्हने जोन बेरा तुम्हि वोको आवन को मन मा विचार नही आनिसेव वोच बेरा मानूस को टूरा आय जाहेत।”

41 तबा पतरस पुसयो पिरभू का यो उदाहरन तुम्ही हमरो लाय सांगासो का सबको लाय सेत?

42 तबा यीसु ना कव्हयो, उ बिस्वास को काबील को ईमानदार मूनीम कौन सेत? जेनको मालीक आपरो नौकर चाकर पर मूनीम ठयरावा सेत, जोनलक उनला बेरा मा जेवन भेटेत।

43 धन्य सेत उ दास जो मालीक को अवन को बेरा मा वसोच करतो पाहेत।

44 मी तुम्ही लक खरोखर सांगसू उ वोला आपरो सब सम्पती पर अधिकारी बनायेत।

45 पर उ दास असो मन मा सोचन लगे, का मोरो मालीक ला आवन ला उसीर सेत, अना नौकर बनिहारिन ला मारन पीटन लगे, अना नसा बाजी एसो अराम करन लगेत।

46 तबा उ दास को मालीक असो दिवस आहेत, जोन दिवस को बारे मा उ मन मा विचार नही आनो होतो। तबा वोला गजब मोठो दन्ड देहेत, अना वोको हिस्सा भरोसा नही राखन वारा लोकगीन को संग होहेत।

47 आपरो मालीक को मन को गोस्टी जानके न जोन दास ना काही तैय्यार नही करयो, ना वोकी मन मुताबीक काम करीस, उ गजब मार खायेत।

48 पर जोना अनजान मा मार खावन को काम करी सेस, उ जरासो मार खायेत, जोनला दियो गयो सेत, वोको लक गजब हीसाब मागो जाहेत। जोन ला गजब सोपो गई सेस वोको लक गजब लियो जाहेत।

49 मी धरती मा स्तो पेटावन काजी आई सेव। मी कीतरो चाव्हसू क उभो होयके धधक जाहेत।

50 मोला एक अखीन बप्तिस्मा लेनो से। अखीन जबा तकन यो पूरो नही होवासे मी गजब दुखीसेव।

51 का तुम्ही सोचसो का मी धरती मा सान्ती अना मेल करान आयो सेऊ, नही मी फूट डालन आइसेव।

52 काहे का एक घर मा पाँच मानूस सेत तो उन मा फूट होहेत, तीन दोन को विरोध अना दोन तीन को विरोध करेत।

53 वय एकमेक को विरोध करेत बाप टूरा को अखीन टूरा बाप को, माय टूरी को अना टूरी माय को, सास बहु को अखीन बहु सास को विरोध करेत।

54 यीसु ना भीड़ ला कव्हन लगीस, अदी तुमी दिवस डूबती लक बादल चोवासो तो कव्हसो, का बरसात होवन वालो सेत, अखीन असोच होवासे।

55 जबा दक्सिन को वारा चलासे तो कव्हासो का लपट चलहेत अखीन असोच होवासे।

56 वो कपटी गीन, तुम्ही बादल अखीन धरती को मौसम ला चीन्हासो तबा यो बेरा को लच्छन ला काय नही परख सकसो?

57 तुम्ही खुदच न्याय काहे नही करासो, का काजक भलो सेत?

58 जबा तुम आपरो विरोधी को संग अदालत मा जावासो तो रास्ता मा वोको लक रिहाई को कोसिस करने, कही असो ना होयेत का उ तुमला न्यायी को कठा ले जाहेत।

59 मी तुम्ही लक कव्हसू जबा तकन एक-एक कवड़ी नही भरजो तबा तकन सूटकारा नही होवेत।

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