Números 14
पवित्र बाइबल (HIN2010) vs NVI
1 उस हात डेरे के सब लोगों ने जोर से रोना आरम्भ किया।
1 Naquela noite toda a comunidade começou a chorar em alta voz.
2 इस्राएल के सभी लोगों ने हारून और मूसा के विरुद्ध फिर शिकायत की। सभी लोग एक साथ आए और मूसा तथा हारून से उन्होंने कहा, “हम लोगों को मिस्र या मरुभूमि में मर जाना चाहिए था, अपने नए प्रदेश में तलवार से मरने की अपेक्षा यह बहुत अच्छा रहा होता।
2 Todos os israelitas queixaram-se contra Moisés e contra Arão, e toda a comunidade lhes disse: "Quem dera tivéssemos morrido no Egito! Ou neste deserto!
3 क्या यहोवा हम लोगों को इस नये प्रदेश में मरने के लिए लाया है हमारी पत्नियाँ और हमारे बच्चे हमसे छीन लिए जाएंगे और हम तलवार से मार डाले जाएंगे। यह हम लोगों के लिए अच्छा होगा कि हम लोग मिस्र को लौट जाएं।”
3 Por que o Senhor está nos trazendo para esta terra? Só para nos deixar cair à espada? Nossas mulheres e nossos filhos serão tomados como despojo de guerra. Não seria melhor voltar para o Egito? "
4 तब लोगों ने एक दूसरे से कहा, “हम लोगों को दूसरा नेता चुनना चाहिए और मिस्र चलना चाहिए।”
4 E disseram uns aos outros: "Escolheremos um chefe e voltaremos para o Egito! "
5 तब मूसा और हारून वहाँ इकट्ठे सारे इस्राएल के लोगों के सामने भूमि पर झुक गए।
5 Então Moisés e Arão prostraram-se, rosto em terra, diante de toda a assembléia dos israelitas.
6 उस प्रदेश की छानबीन करने वाले लोगों में से दो व्यक्ति बहुत परेशान हो गए। (वे दोनो नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब थे।)
6 Josué, filho de Num, e Calebe, filho de Jefoné, dentre os que haviam observado a terra, rasgaram as suas vestes
7 इन दोनों ने वहाँ इकट्ठे इस्राएल के सभी लोगों से कहा, “जिस प्रदेश को हम लोगों ने देखा है वह बहुत अच्छा है।
7 e disseram a toda à comunidade dos israelitas: "A terra que percorremos em missão de reconhecimento é excelente.
8 और यदि यहोवा हम लोगों से प्रसन्न है तो वह हम लोगों को उस प्रदेश में ले चलेगा। वह प्रदेश सम्पन्न है, ऐसा है जैसे वहाँ दूध और मधु की नदियाँ बहती हो और यहोवा उस प्रदेश को हम लोगों को देने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करेगा।
8 Se o Senhor se agradar de nós, ele nos fará entrar nessa terra, onde manam leite e mel, e a dará a nós.
9 किन्तु हम लोगों को यहोवा के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए। हम लोगों को उस प्रदेश के लोगों से डरना नहीं चाहिए। हम लोग उन्हें सरलता से हरा देंगे। उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है, उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उनके पास कुछ नहीं है। किन्तु हम लोगों के साथ यहोवा है। इसलिए इन लोगों से डरो मत!”
9 Somente não sejam rebeldes contra o Senhor. E não tenham medo do povo da terra, porque nós os devoraremos como se fossem pão. A proteção deles se foi, mas o Senhor está conosco. Não tenham medo deles! "
10 तब इस्राएल के सभी लोग उन दोनों व्यक्तियों को पत्थरों से मार देने की बातें करने लगे। किन्तु यहोवा का तेज मिलापवाले तम्बू पर आया। इस्राएल के सभी लोग इसे देख सकते थे।
10 Mas a comunidade toda falou em apedrejá-los. Então a glória do Senhor apareceu a todos os israelitas na Tenda do Encontro.
11 यहोवा ने मूसा से कहा, “ये लोग इस प्रकार मुझसे कब तक घृणा करते रहेंगे वे प्रकट कर रहे हैं कि वे मुज पर विस्वास नहीं करते। वे दिखाते हैं कि उन्हें मेरी शक्ति पर विस्वाश नहीं। वे मुझ पर विस्वास करने से तब भी इन्कार करते हैं जबकि मैंने उन्हें बहुत से शक्तिशाली चिन्ह दिखाये हैं। मैंने उनके बीच अकं बड़ी चीजें की हैं।
11 E o Senhor disse a Moisés: "Até quando este povo me tratará com pouco caso? Até quando se recusará a crer em mim, apesar de todos os sinais que realizei entre eles?
12 मैं उन्हें नष्ट कर दूँगा और तुम्हारा उपयोग दूसरा राष्ट बनाने के लिए करूँगा और तुम्हारा राष्ट्र इन लोगों से अधिक बड़ा और और अधिक शक्तिशाली होगा।”
12 Eu os ferirei com praga e os destruirei, mas farei de você uma nação maior e mais forte do que eles".
13 तब मूसा ने यहोवा से कहा, “यदी तू ऐसा करता है तो मिस्र में लोग यह सुनेंगे कि तूने अपने सभी लोगों को मार डाला। तूने अपनी बड़ी शक्ति का उपयोग उन लोगों को मिस्र से बाहर लाने के लिए किया
13 Moisés disse ao Senhor: "Então os egípcios ouvirão que pelo teu poder fizeste este povo sair dentre eles,
14 और मिस्र के लोगों ने इसके बारे में कनान के लोगों को बताया है। वे पहले से ही जानते हैं कि तू यहोवा है। वे जानते हैं कि तू अपने लोगों के साथ है और वे जानते हैं कि तू प्रत्यक्ष है। इस देश में रहने वाले लोग उस बादल के बारे में जानेंगे जो लोगों के ऊपर ठहरता है तूने उस बादल का उपयोग दिन में अपने लोगों को रास्ता दिखाने के लिए किया और रात को वह बादल लोगों को रास्ता दिखाने के लिए आग बन जाता है।
14 e falarão disso aos habitantes desta terra. Eles ouviram que tu, ó Senhor, estás com este povo e que te vêem face a face, Senhor, e que a tua nuvem paira sobre eles, e que vais adiante deles numa coluna de nuvem de dia e numa coluna de fogo de noite.
15 इसलिए तुझे अब लोगों को मारना नहीं चाहिए। यदि तू उन्हें मारता है तो सभी राष्ट, जो तेरी शक्ति के बारे में सुन चुके हैं, कहेंगे,
15 Se exterminares este povo, as nações que ouvirem falar do que fizeste dirão:
16 ‘यहोवा इन लोगों को उस प्रदेश में ले जाने में समर्थ नहीं था जिस प्रदेस को उसने उन्हें देने का वचन दिया था। इसलिए यहोवा ने उन्हें मरुभूमि में मार दिया।’
16 ‘O Senhor não conseguiu levar esse povo à terra que lhes prometeu em juramento; por isso os matou no deserto’.
17 “इसलिए तुझे अपनी शक्ति दिखानी चाहिए। तुझे इसे वैसे ही दिखाना चाहिए जैसा दिखाने की घोषणा तूने की है।
17 "Mas agora, que a força do Senhor se manifeste, segundo prometeste:
18 तूने कहा था, ‘यहोवा क्रोधित होने में सहनशील है। यहोवा प्रेम से परिपूर्ण है। यहोवा पाप को क्षमा करता है और उन लोगों को क्षमा करता है जो उसके विरुद्ध भी हो जाते हैं। किन्तु यहोवा उन लोगों को अवश्य दण्ड देगा जो अपराधी हैं। यहोवा तो बच्चों को, उनके पितामह और प्रपितामह के पापों के लिए भी दण्ड द्ता है!’
18 ‘O Senhor é muito paciente e grande em fidelidade, e perdoa a iniqüidade e a rebelião, se bem que não deixa o pecado sem punição, e castiga os filhos pela iniqüidade dos pais até a terceira e quarta geração’.
19 इसलिए इन लोगों को अपना महान प्रेम दिखा। उनके पाप को क्षमा कर। उनको उसी प्रकार क्षमा कर जि, प्रकार प्रकार तू उनको मिस्र छोड़ने के समय से अब तक क्षमा करता रहा है।”
19 Segundo a tua grande fidelidade, perdoa a iniqüidade deste povo, assim como a tens perdoado desde que saíram do Egito até agora".
20 यहोवा ने उत्तर दिया, “मैंने लोगों को तुम्हारे कहे अनुसार क्षमा कर दिया है।
20 O Senhor respondeu: "Eu os perdoei, conforme você pediu.
21 किन्तु मैं तुमसे यह सत्य कहता हूँ, क्योंकि मैं शाशवत हूँ और मेरी शक्ति इस सारी पृथ्वी पर फैली है। अतः मैं तुमको यह वचन दूँगा।
21 No entanto, juro pela glória do Senhor que enche toda a terra,
22 उन लोगों में से कोई भी व्यक्ति जिसे मैं मीस्र से बाहर लाया, उस देश को कभी नहीं देखेगा। उन लोगों ने मिस्र में मेरे तेज और मेरे महान संकेतो को देखा है और उन लोगों ने उन महान कार्यों को देखा जो मैने मरुभूमि में किए। किन्तु उन्होंने मेरी आज्ञा का उल्लंघन किया और दस बार मेरी परीक्षा ली।
22 que nenhum dos que viram a minha glória e os sinais miraculosos que realizei no Egito e no deserto, e me puseram à prova e me desobedeceram dez vezes —
23 मैंने उनके पूर्वर्जों को वचन दिया था। मैंने प्रतिज्ञा की थी कि मैं उनको एक महान देश दूँगा। किन्तु उनमें से कोई भी व्यक्ति जो मेरे विरुद्ध में हो चुका है उस देश में प्रवेश नहीं करेगा।
23 nenhum deles chegará a ver a terra que prometi com juramento aos seus antepassados. Ninguém que me tratou com desprezo a verá.
24 किन्तु मेरा सेवक कालेब इनसे भिन्न है। वह पूरी तरह मेरा अनुसरण करता है। इसलिए मैं उसे उस देश में ले जाऊँगा जिसे उसने पहले देखा है और उसके लोग प्रदेश प्राप्त करेगें।
24 Mas, como o meu servo Calebe tem outro espírito e me segue com integridade, eu o farei entrar na terra que foi observar, e seus descendentes a herdarão.
25 अमालेकियों और कनानी लोग घाटी में रह रहें हैं इसलिये तुम्हारे जाने के लिए कोई जगह नही है। कल इस स्थान को छोड़ो और रेगिस्तान की ओर लालसागर से होकर लौट जाओ।”
25 Visto que os amalequitas e os cananeus habitam nos vales, amanhã dêem meia-volta e partam em direção ao deserto pelo caminho que vai para o mar Vermelho".
26 यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,
26 Disse mais o Senhor a Moisés e a Arão:
27 “ये लोग कब तक मेरे विरुद्ध शिकायत करते रहेंगे मैं इन लोगों की शिकायत और पीड़ा को सुन चुका हूँ।
27 "Até quando esta comunidade ímpia se queixará contra mim? Tenho ouvido as queixas desses israelitas murmuradores.
28 इसलिए इनसे कहो, ‘यहोवा कहता है कि वह निश्चय ही सभी काम करेगा जिनके बारे में तुम लोगों की शिकायत है।
28 Diga-lhes: ‘Juro pelo meu nome, declara o Senhor, que farei a vocês tudo o que pediram:
29 तुम लोगों को यह सब होगाः तुम लोगों के शरीर इस मरुभूमि में मरे हुए गिरेंगे। हर एक व्यक्ति जो बीस वर्ष में या अधिक उम्र का था हमारे लोंगों के सदस्य के रुप गिना गया और तुम लोगों के में से हर एक ने मेरे अर्थात् यहोवा के विरुद्ध शिकायत की। इसलिए तुम लोगों में से हर एक मरुभूमि में मरेगा।
29 Cairão neste deserto os cadáveres de todos vocês, de vinte anos para cima, que foram contados no recenseamento e que se queixaram contra mim.
30 तुम लोगों में से कोई भी कभी उस देश में प्रवेश नहीं करेगा जिसे मैंने तुमको देने का वचन दिया था। केवल यपुले का पुत्र कालेब और नून का पुत्र यहोशू उस देश में प्रवेश करेंगे।
30 Nenhum de vocês entrará na terra que, com mão levantada, jurei dar-lhes para sua habitação, exceto Calebe, filho de Jefoné, e Josué, filho de Num.
31 तुम लोग डर गए थे और तुम लोगों ने शिकायत की कि उस नये देश में तुम्हारे शत्रु तुम्हारे बच्चों को तुमसे छीन लेंगे। किन्तु मैं तुमसे कहता हूँ कि मैं उन बच्चों को उस देश में ले जाऊँगा। वे उन चीज़ों का भोग करेंगे जिनका भोग करना तुमने स्वीकार नहीं किया।
31 Mas, quanto aos seus filhos, sobre os quais vocês disseram que seriam tomados como despojo de guerra, eu os farei entrar para desfrutarem a terra que vocês rejeitaram.
32 जहाँ तक तुम लोगों की बात है, तुम्हारे शरीर इस मरुभूमि में गिर जाएंगे।’”
32 O cadáveres de vocês, porém, cairão neste deserto.
33 “‘तुम्हारे बच्चे यहाँ मरुभूमि में चालीस वर्ष तक गड़ेंरिए रहेंगे। उनको यह कष्ट होगा क्योंकि तुम लोगों ने विश्वास नहीं किया। वे इस मरुभूमि में तब तक रहेंगे जब तक तुम सभी यहाँ मर नहीं जाओगे। तब तुम सबके शरीर इस मरुभूमि में दफन हो जाएंगे।
33 Os filhos de vocês serão pastores aqui durante quarenta anos, sofrendo pela infidelidade de vocês, até que o último cadáver de vocês seja destruído no deserto.
34 तुम लोग अपने पाप के लिए चालीस वर्ष तक कष्ट भोगोगे। (तुम लोगों ने इस देश की छानबीन में जो चालीस दिन लागए उसके प्रत्येक दिन के लिए एक वर्ष होगा।) तुम लोग जानोगे कि मेरा तुम लोगों के विरुद्ध होना कितना भयानक है।
34 Durante quarenta anos vocês sofrerão a conseqüência dos seus pecados e experimentarão a minha rejeição; cada ano corresponderá a cada um dos quarenta dias em que vocês observaram a terra’.
35 “मैं यहोवा हूँ और मैंने यह कहा है। मैं वचन देता हूँ कि मैं इन सभी बुरे लोगों के लिए यह करुँगा। ये लोग मेरे विरुद्ध एक साथ आए इसलिए वे सभी यहाँ मरुभूमि में मरेंगे।”
35 Eu, o Senhor, falei, e certamente farei essas coisas a toda esta comunidade ímpia, que conspirou contra mim. Encontrarão o seu fim neste deserto; aqui morrerão".
36 जिन लोगों को मूसा ने नये प्रदेश की छानबीन के लिए भेजा, वे ऐसे थे जो लौट आए और जो सभी इस्राएलियों में शिकायत करते हुए फैल गए। उन लोगों ने कहा कि लोग उस प्रदेश में प्रवेश करने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं हैं।
36 Os homens enviados por Moisés em missão de reconhecimento daquela terra voltaram e fizeram toda a comunidade queixar-se contra ele ao espalharem um relatório negativo;
37 वे लोग इस्राएली लोगों में परेशानी फैलाने के लिए उत्तरदायी थे। इसलिए यहोवा ने एक बीमारी उत्पन्न करके उन सभी को मर जाने दिया।
37 esses homens responsáveis por espalhar o relatório negativo sobre a terra morreram subitamente de praga perante o Senhor.
38 किन्तु नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब उन लोगों में थे जिन्हें देश की छानबीन करने के लिए भेजा गया था और यहोवा ने उन दोनों आदमियों को बचाया। उनको वह बीमारी नहीं हुई जिसने अन्य लोगों को मार डाला।
38 De todos os que foram observar a terra, somente Josué, filho de Num, e Calebe, filho de Jefoné, sobreviveram.
39 मूसा ने ये सभी बातें इस्राएल के लोगों से कहीं। लोग बहुत अधिक दुःखी हुए।
39 Quando Moisés transmitiu essas palavras a todos os israelitas, eles choraram amargamente.
40 अगले दिन बहुत सवेरे लोगों ने ऊँचे पहाड़ी प्रदेश की ओर बढ़ना आरम्भ किया। लोगों ने कहा, “हम लोगों ने पाप किया है। हम लोगों को दुःख है कि गम लोगों ने यहोवा पर विश्वास नहीं किया। हम लोग उस स्थान पर जाएंगे जिसे यहोवा ने देने का वचन दिया है।”
40 Na madrugada seguinte subiram para o alto da região montanhosa, e disseram: "Subiremos ao lugar que o Senhor prometeu, pois cometemos pecado".
41 किन्तु मूसा ने कहा, “तुम लोग यहोवा के आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे होतूम लोग सफल नहीं हो सकोगे।
41 Moisés, porém, disse: "Por que vocês estão desobedecendo à ordem do Senhor? Isso não terá sucesso!
42 उस देश में प्रवेश न करो।यहोवा तूम लोगों के साथ नहीं है। तुम लोग सरलता से अपने शत्रुओं से हार जाओगे।
42 Não subam, porque o Senhor não está com vocês. Vocês serão derrotados pelos inimigos,
43 अमालेकी और कनानी लोग वहाँ तुम्हारे विरुद्ध लड़ेंगे। तुम लोग यहोवा से विमुख हुए हो। इसलिए वह तुम लोगों के साथ नहीं होगा जब तुम लोग उनसे लड़ोगे और तुम सभी उनकी तलवार से मारे जाओगे।”
43 pois os amalequitas e os cananeus os enfrentarão ali, e vocês cairão à espada. Visto que deixaram de seguir ao Senhor, ele não estará com vocês".
44 किन्तु लोगों ने मूसा पर विश्वास नहीं किया। वे ऊँचे पहाड़ी प्रदेश की ओर गए। किन्तु मूसा और यहोवा का साक्षीपत्र का सन्दूक लोगों के साथ नहीं गया।
44 Apesar disso, eles subiram desafiadoramente ao alto da região montanhosa, mas nem Moisés nem a arca da aliança do Senhor saíram do acampamento.
45 तब अमालेकी और कनानी लोग जो पहाड़ी प्रदेशों में रहते थे, आए और उन्होंने इस्राएली लोगों पर आक्रमण कर दिया। अमालेकी और कनानी लोगों ने उनको सरलता से हरा दिया और होर्मा तक उनका पीछा किया।
45 Então os amalequitas e os cananeus que lá viviam desceram e os derrotaram e os perseguiram até Hormá.
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