Deuteronômio 33

पवित्र बाइबल (HIN2010)

1 मरने के पहले परमेश्वर के व्यक्ति मूसा ने इस्राएल के लोगों को यह आशीर्वाद दिया।

2 मूसा ने कहा:

3 हाँ, यहोवा प्रेम करता है लोगों से

4 मूसा ने दिये नियम हमें वे—जो हैं

5 यशूरुन ने राजा पाया

6 “रूबेन जीवित रहे, न मरे वह।

7 मूसा ने यहूदा के परिवार समूह के लिए ये बातें कहीं

8 मूसा ने लेवी के बारे में कहाः

9 लेवी ने बताया निज, माता—पिता के विषय में:

10 वे सिखायेंगे याकूब को नियम तेरे।

11 “यहोवा, लेवीवंशियों का जो कुछ हो,

12 बिन्यामीन के विषय में मूसा ने कहाः

13 मूसा ने यूसुफ के बारे में कका:

14 सूरज का दिया उत्तम फल उसका हो

15 प्राचीन पर्वतों की उत्तम उपज उसकी हो —

16 आशीर्वाद सहित धरती की उत्तम भेंट उसकी हों।

17 यूसुफ के झुण्ड का प्रथम साँड गौरव पाएगा।

18 जबूलून के बारे में मूसा ने कहाः

19 वे लोगों का आहवान करेंगे अपने गिरि पर,

20 मूसा ने गाद के बारे में कहा:

21 अपने लिए चुनता है

22 दान के बारे में मूसा ने कहा:

23 नप्ताली के बारे में मूसा ने कहाः

24 मूसा ने आशेर के बारे में कहाः

25 तुम्हारी अर्गलाएँ लोहे—काँसे होंगे शक्ति

26 “यशूरुन, परमेश्वर सम नहीं

27 शाश्वत परमेश्वर तुम्हारी रशरण सुरक्षित है।

28 ऐसे इस्राएल रक्षित रहता है जो केवल

29 इस्राएलियों, तुम आशीषित हो यहोवा रक्षित राष्ट्र तुम,

Ler em outra tradução

Comparar lado a lado

Estude este capítulo no WhatsApp

Peça à IA da Bíblia Fala para explicar Deuteronômio 33, comparar traduções ou montar um estudo — tudo direto pelo WhatsApp.