Daniel 11

पवित्र बाइबल (HIN2010) vs NVT

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1 “मादी राजा दारा के शासन काल के पहले वर्ष मीकाएल को फारस के युवराज (स्वर्गदूत) के विरूद्ध युद्ध में सहारा देने और उसे सशक्त बनाने को मैं उठ खड़ा हुआ।
1 Tenho acompanhado Miguel para apoiá-lo e fortalecê-lo desde o primeiro ano do reinado de Dario, o medo.)
2 “अब देख, दानिय्येल मैं, तुझे सच्ची बात बताता हूँ। फारस में तीन राजाओं का शासन और होगा। यह इसके बाद एक चौथा राजा आयेगा। यह चौथा राजा अपने पहले के फारस के अन्य राजाओं से कहीं अधिक धनवान होगा। वह चौथा राजा शक्ति पाने के लिये अपने धन का प्रयोग करेगा। वह हर किसी को यूनान के विरोध में कर देगा।
2 “Agora, portanto, eu lhe revelarei a verdade. Outros três reis persas reinarão e serão sucedidos pelo quarto rei, muito mais rico que os outros. Ele usará sua riqueza para instigar todos a lutarem contra o reino da Grécia.
3 इसके बाद एक बहुत अधिक शक्तिशाली राजा आयेगा, वह बड़ी शक्ति के साथ शासन करेगा। वह जो चाहेगा वही करेगा।
3 “Então surgirá um rei poderoso, que governará com grande autoridade e realizará tudo que desejar fazer.
4 राजा के आने के बाद उसके राज्य के टुकड़े हो जायेंगे। उसका राज्य संसार में चार भागों में बंट जायेगा। उसका राज्य उसके पुत्र—पोतों के बीच नहीं बटेगा। जो शक्ति उसमें थी, वह उसके राज्य में नहीं रहेगी। ऐसा क्यों होगा ऐसा इसलिये होगा कि उसका राज्य उखाड़ दिया जायेगा और उसे अन्य लोगों को दे दिया जायेगा।
4 Mas, no auge de seu poder, seu reino será quebrado e dividido em quatro partes. Não será governado pelos descendentes do rei e o reino não terá a mesma autoridade de antes, pois seu império será arrancado fora e entregue a outros.
5 “दक्षिण का राजा शक्तिशाली हो जायेगा। किन्तु इसके बाद उसका एक सेनापति उससे भी अधिक शक्तिशाली हो जाएगा। वह सेना नायक शासन करने लगेगा और बहुत बलशाली हो जायेगा।
5 “O rei do sul se tornará poderoso, mas um de seus oficiais se tornará ainda mais poderoso e governará seu reino com grande força.
6 “फिर कुछ वर्षों बाद एक समझौता होगा और दक्षिणी राजा की पुत्री उत्तरी राजा से ब्याही जायेगी। वह शांति स्थापना के लिये ऐसा करागी। किन्तु वह और दक्षिणी राजा पर्याप्त शक्तिशाली नही होंगे। फिर लोग उसके और उस व्यक्ति के जो उसे उस देश में लाया था, विरूद्ध हो जायेंगे और वे लोग उसके बच्चे के और उस स्त्री के हिमायती व्यक्ति के भी विरूद्ध हो जायेंगे।
6 “Alguns anos depois, será formada uma aliança entre o rei do norte e o rei do sul. A filha do rei do sul se casará com o rei do norte para garantir a aliança, mas tanto ela como seu pai perderão a influência sobre ele. Ela será abandonada, junto com aqueles que a apoiam.
7 “किन्तु उस स्त्री के परिवार का एक व्यक्ति दक्षिणी राजा के स्थान को ले लेने के लिये आयेगा। वह उत्तर के राजा की सेनाओं पर आक्रमण करेगा। वह राजा के सुदृढ़ किले में प्रवेश करेगा। वह युद्ध करेगा और विजयी होगा।
7 Mas, quando um de seus parentes se tornar o rei do sul, ele reunirá um exército, entrará na fortaleza do rei do norte e o derrotará.
8 वह उनके देवताओं की मूर्तियों को ले लेगा। वह उनके धातु के बने मूर्तियों तथा उनकी चाँदी—सोने की बहुमूल्य वस्तुओं पर कब्जा कर लेगा। वह उन वस्तुओं को वहाँ से मिस्र ले जायेगा। फिर कुछ वर्षों तक वह उत्तर के राजा को तंग नहीं करेगा।
8 Quando ele voltar ao Egito, levará os ídolos deles, e também objetos valiosos de ouro e prata. Por alguns anos, deixará o rei do norte em paz.
9 उत्तर का राजा दक्षिण के राज्य पर हमला करेगा। किन्तु पराजित होगा और फिर अपने देश को लौट जायेगा।
9 “Mais tarde, o rei do norte invadirá o reino do sul, mas logo voltará para sua terra.
10 “उत्तर के राजा के पुत्रों ने युद्ध की तैयारियाँ करेंगे। वे एक विशाल सेना जुटायेंगे। वह सेना एक शक्तिशाली बाढ़ की तरह बड़ी तेज़ी से धरती पर आगे बढ़ती चली जायेगी। वह सेना दक्षिण के राजा के सुदृढ़ दुर्ग तक सारे रास्ते युद्ध करती जायेगी।
10 Os filhos do rei do norte, porém, reunirão um exército poderoso que avançará como uma inundação e levará a batalha até a fortaleza do inimigo.
11 फिर दक्षिण का राजा क्रोध से तिलमिला उठेगा। उत्तर के राजा से युद्ध करने के लिये वह बाहर निकल आयेगा। उत्तर का राजा यद्यपि एक बहुत बड़ी सेना जुटायेगा किन्तु युद्ध में हार जायेगा।
11 “Enfurecido, o rei do sul sairá para lutar contra o grande exército reunido pelo rei do norte e o derrotará.
12 उत्तर की सेना पराजित हो जायेगी, और उन सैनिकों को कहीं ले जाया जायेगा। दक्षिणी राजा को बहुत अभिमान हो जायेगा और वह उत्तरी सेना के हजारों सैनिकों को मौत के घाट उतार देगा। किन्तु वह इसी प्रकार से सफलता नहीं प्राप्त करता रहेगा।
12 Depois que o exército inimigo for vencido, o rei do sul se tornará orgulhoso e executará muitos milhares de inimigos; sua vitória, porém, não durará muito tempo.
13 उत्तर का राजा एक और सेना जुटायेगा। यह सेना पहली सेना से अधिक बड़ी होगी। कई वर्षो बाद वह आक्रमण करेगा। वह सेना बुहत विशाल होगी और उसके पास बहुत से हथियार होंगे। वह सेना युद्ध को तैयार होगी।
13 “Alguns anos depois, o rei do norte voltará com um exército bem equipado, muito maior que antes.
14 “उन दिनों बहुत से लोग दक्षिण के राजा के विरोध में हो जायेंगे। कुछ तुम्हारे अपने ही ऐसे लोग, जिन्हें युद्ध प्रिय है, दक्षिण के राजा के विरूद्ध बगावत करेंगे। वे जीतेंगे तो नहीं किन्तु ऐसा करते हुए वे उस दर्शन को सत्य सिद्ध करेगे।
14 Nessa ocasião, haverá uma rebelião geral contra o rei do sul. Homens violentos de seu povo, Daniel, se juntarão a eles em cumprimento desta visão, mas serão derrotados.
15 फिर इसके बाद उत्तर का राजा आयेगा और वह नगर परकोटे पर ढ़लवाँ चबूतरे बना कर उस सुदृढ़ नगर पर कब्जा कर लेगा। दक्षिण के राजा की सेना युद्ध का उत्तर नही दे पायेगी। यहाँ तक कि दक्षिणी सेना के सर्वात्तम सैनिक भी इतने शक्तिशाली नही होंगे कि वे उत्तर की सेना को रोक पायें।
15 Então o rei do norte virá e cercará uma cidade fortificada e a conquistará. Nem as melhores tropas do sul conseguirão resistir a esse ataque.
16 “उत्तर का राजा जैसा चाहेगा, वैसा करेगा। उसे कोई भी रोक नहीं पायेगा। इस सुन्दर धरती पर वह नियन्त्रण करके शक्ति पालेगा। उसे इस प्रदेश को नष्ट करने की शक्ति प्राप्त हो जायेगी।
16 “O rei do norte continuará a avançar sem oposição; ninguém será capaz de resistir-lhe. Ele se deterá na terra gloriosa, decidido a destruí-la.
17 फिर उत्तर का राजा दक्षिण के राजा से युद्ध करने के लिये अपनी सारी शक्ति का उपयोग करने का निश्चय करेगा। वह दक्षिण के राजा के साथ एक सन्धि करेगा। उत्तर का राजा दक्षिण के राजा से अपनी एक पुत्री का विवाह कर देगा। उत्तर का राजा ऐसा इसलिये करेगा कि वह दक्षिण के राजा को हरा सके। किन्तु उसकी वे योजनाएँ फलीभूत नहीं होंगी। इन योजनाओं से उसे कोई सहायता नहीं मिलेगी।
17 Fará planos de vir com a força de todo o seu reino e formará uma aliança com o rei do sul. Dará sua filha em casamento a fim de derrubar o reino, mas seu plano falhará.
18 “इसके बाद उत्तर का राजा भूमध्य—सागर के तट से लगते हुए देशों पर अपना ध्यान लगायेगा। वह उन देशों में से बहुत से देशों को जीत लेगा। किन्तु फिर एक सेनापति उत्तर के राजा के उस अहंकार और उस बगावत का अंत कर देगा । वह सेनापति उस उत्तर के राजा को लज्जित करेगा।
18 “Depois disso, voltará sua atenção para o litoral e conquistará muitas cidades. No entanto, um comandante de outra terra acabará com sua insolência e o fará retirar-se, envergonhado.
19 “ऐसा घटने के बाद उत्तर का वह राजा स्वयं अपने देश के सुदृढ़ किलों की ओर लौट जायेगा। किन्तु वह दुर्बल हो चुका होगा और उसका पतन हो जायेगा। फिर उसका पता भी नहीं चलेगा।
19 Ele se refugiará em sua própria fortaleza, mas tropeçará e nunca mais será visto.
20 “उत्तर के उस राजा के बाद एक नया शासक आयेगा। वह शासका किसी कर वसूलने वाले को भेजेगा। वह शासक ऐसा इसलिये करेगा कि वह सम्पन्नता के साथ जीवन बिताने के लिये पर्याप्त धन जुटा सके। किन्तु थोड़े ही वर्षो में उस शासक का अंत हो जायेगा। किन्तु वह युद्ध में नही मारा जायेगा।
20 “Seu sucessor enviará um cobrador de impostos para manter o esplendor real. Depois de um breve reinado, porém, ele morrerá, mas não como resultado de ira nem na batalha.
21 “उस शासक के बाद एक बहुत क्रूर एवं घृणा योग्य व्यक्ति आयेगा। उस व्यक्ति को राज परिवार का वंशज होने का गौरव प्राप्त नहीं होगा। वह चालाकी से राजा बनेगा। जब लोग अपने को सुरक्षित समझे हुए होंगे, वह तभी राज्य पर आक्रमण करेगा और उस पर कब्जा कर लेगा।
21 “O próximo a subir ao poder será um homem desprezível, que não faz parte da linhagem real. Ele se infiltrará quando menos se espera e assumirá o controle do reino por meio de intrigas.
22 वह विशाल शक्तिशाली सेनाओं को हरा देगा। वह समझौते के मुखिया के साथ सन्धि करने पर भी उसे पराजीत करेगा।
22 Diante dele, grandes exércitos serão arrasados, incluindo um príncipe da aliança.
23 बहुत से राष्ट्र उस क्रूर एवं घृणा योग्य राजा के साथ सन्धि करेंगे किन्तु वह उनसे मिथ्यापूर्ण चालाकी बरतेगा। वह अत्यधिक शक्ति प्राप्त कर लेगा किन्तु बहुत थोड़े से लोग ही उसके समर्थक होंगे।
23 Com promessas enganosas, fará várias alianças. Apesar de ter apenas um punhado de seguidores, ele se tornará forte.
24 “जब उस प्रदेश के सर्वाधिक धनी क्षेत्र अपने को सुरक्षित अनुभव कर रहे होंगे, वह क्रूर एवं घृणापूर्ण शासक उन पर आक्रमण कर देगा। वह ठीक समय पर आक्रमण करेगा और वहाँ सफलता प्राप्त करेगा जहाँ उसके पूर्वजों को भी सफलता नहीं मिली थी। वह जिने देशों को पराजित करेगा उनकी सम्पत्ति छीन कर अपने पिछलगुओं को देगा। वह सुदृढ़ नगरों को पराजित करने की योजनाएँ रचेगा। वह सफलता तो पायेगा किन्तु बहुत थोड़े से समय के लिए।
24 Sem aviso, entrará nas regiões mais ricas da terra e distribuirá entre seus seguidores o despojo e os bens dos ricos, coisa que seus antecessores nunca fizeram. Fará planos para conquistar fortalezas, mas isso durará pouco tempo.
25 “उस क्रूर एवं घृणा योग्य राजा के पास एक विशाल सेना होगी। वह उस सेना का उपयोग अपनी शक्ति और अपने साहस के प्रदर्शन के लिये करेगा और इससे वह दक्षिण के राजा पर आक्रमण करेगा। सो दक्षिण का राजा भी एक बहुत बड़ी और शक्तिशाली सेना जुटायेगा और युद्ध के लिये कूच करेगा किन्तु वे लोग जो उससे विरोध रखते हैं, छिपे—छिपे योजनाएँ रचेंगे और दक्षिणी राजा को पराजित कर दिया जायेगा।
25 “Então juntará coragem e reunirá um grande exército contra o rei do sul. Este sairá para a batalha, mas de nada adiantará, pois haverá conspirações contra ele.
26 वे ही लोग जो दक्षिणी राजा के अच्छे मित्र समझे जाते रहे। उसे पराजित करने का जतन करेंगे। उसकी सेना पराजित कर दी जायेगी। युद्ध में उसके बहुत से सैनिक मारे जोयेंगे।
26 Sua derrota será causada por gente de sua própria confiança. Seu exército será arrasado, e muitos serão mortos.
27 उन दोनों राजाओं का मन इसी बात में लगेगा कि एक दूसरे को हानि पहुँचायी जाये। वे एक ही मेज़ पर बैठ कर एक दूसरे से झुठ बोलेंगे किन्तु इससे उन दोनों में से किसी का भी भला नहीं होगा, क्योंकि परमेश्वर ने उनका अंत आने का समय निर्धारित कर दिया है।
27 Decididos a fazer o mal, esses reis tentarão enganar um ao outro enquanto estiverem à mesa de negociações; mas isso não fará diferença alguma, pois o fim chegará no tempo determinado.
28 “बहुत सी धन दौलत के साथ, वह उत्तर का राजा अपने देश लौट जायेगा। फिर उस पवित्र वाचा के प्रति वह बुरे कर्म करने का निर्णय लेगा। वह अपनी योजनानुसार काम करेगा और फिर अपने देश लौट जायेगा।
28 “O rei do norte voltará para casa com muitas riquezas. No caminho, ele se colocará contra o povo da santa aliança e fará grandes estragos antes de seguir viagem.
29 “फिर उत्तर का राजा ठीक समय पर दक्षिण के राजा पर हमला कर देगा किन्तु इस बार वह पहले की तरह कामयाब नहीं होगा।
29 “Então, no tempo determinado, ele voltará a invadir o sul, mas dessa vez o resultado será diferente.
30 पश्चिम से जहाज़ आयेंगे और उत्तर के राजा के विरूद्ध युद्ध करेंगे। वह उन जहाज़ो को आते देखकर डर जायेगा। फिर वापस लौटकर पवित्र वाचा पर वह अपना क्रोध उतारेगा। वह लौट कर, जिन लोगों ने पवित्र वाचा पर चलना छोड़ दिया था, उनकी सहायता करेगा।
30 Ele se assustará com os navios de guerra do litoral oeste e voltará para casa. Então descarregará sua ira sobre o povo da santa aliança e recompensará os que abandonarem a aliança.
31 फिर उत्तर का वह राजा यरूशलेम के मन्दिर को अशुद्ध करने के लिये अपनी सेना भेजेगा। वे लोगों को दैनिक बलि समर्पित करने से रोकेंगे। इसके बाद वे वहाँ कुछ ऐसा भयानक घृणित वस्तु स्थापित करेंगे जो सचमुच विनाशक होगा। वे ऐसा भयानक काम शुरू करेंगे जो विनाश को जन्म देता है।
31 “Seu exército tomará a fortaleza do templo, contaminará o santuário, acabará com os sacrifícios diários e colocará ali uma terrível profanação.
32 “वह उत्तरी राजा झूठी और चिकनी चुपड़ी बातों से उन यहूदियों को छलेगा जो पवित्र वाचा का पालन करना छोड़ चुके हैं। वे यहूदी और बुरे पाप करने लगेंगे किन्तु वे यहूदी, जो परमेश्वर को जानते हैं, और उसका अनुसरण करते हैं, और अधिक सुदृढ़ हो जायेंगे। वे पलट कर युद्ध करेंगे!
32 Ele usará de adulação e conquistará os que violaram a aliança; mas aqueles que conhecem seu Deus serão fortes e resistirão.
33 “वे यहूदी जो विवेकपूर्ण है जो कुछ घट रहा होगा, दूसरे यहूदियों को उसे समझने में सहायता देंगे। किन्तु जो विवेकपूर्ण होंगे,उन्हें तो मृत्यु दण्ड तक झेलना होगा। कुछ समय तक उनमें से कुछ यहूदियों को तलवार के घाट उतारा जायेगा और कुछ को आग में फेंक दिया जायेगा। अथवा बन्दी गृहों में डाल दिया जायेगा। उनमें से कुछ यहूदियों के घर बार और धन दौलत छीन लिये जायेंगे।
33 “Líderes sábios instruirão a muitos, mas esses mestres morrerão pela espada e pelo fogo, ou serão capturados e saqueados.
34 जब वे यहूदी दण्ड भोग रहे होंगे तो उन्हें थोड़ी सी सहायता मिलेगी। किन्तु उन यहूदियों में, जो उन विवेकपूर्ण यहोदियों का साथ देंगे, बहुत से केवल दिखावे के होंगे।
34 Durante essas perseguições, receberão pouca ajuda, e muitos que se juntarem a eles não serão sinceros.
35 कुछ विवेकपूर्ण यहोदी मार दिये जायेंगे।ऐसा इसलिये होगा कि वे और अधिक सुदृढ़ बनें, स्वच्छ बनें और अंत समय के आने तक निर्दोष रहें। फिर ठीक समय पर अंत होने का समय आ जायेगा।”
35 Alguns dos sábios serão vítimas de perseguição e, desse modo, serão refinados, purificados e limpos até o tempo do fim, pois o tempo determinado ainda está por vir.
36 “उत्तर का राजा जो चाहेगा, सो करेगा। वह अपने बारे में डींग हांकेगा। वह आत्म प्रशंसा करेगा और सोचेगा कि वह किसी देवता से भी अच्छा है। वह ऐसी बातें करेगा जो किसी ने कभी सुनी तक न होंगी। वह देवताओं का परमेश्वर के विरोध में ऐसी बातें करेगा। वह उस समय तक कामयाब होता चला जायेगा जब तक वे सभी बुरी बातें घट नहीं जाती। किन्तु परमेश्वर ने योजना रची है, वह तो पूरी होगी ही।
36 “O rei fará o que bem entender, se exaltará, afirmará ser maior que todos os deuses e chegará a blasfemar contra o Deus dos deuses. Terá êxito, mas apenas até que se complete o tempo da ira; pois aquilo que foi determinado certamente acontecerá.
37 “उत्तर का वह राजा उन देवताओं की उपेक्षा करेगा जिन्हें उसके पूर्वज पूजा करते थे। उन देवताओं की मूर्तियों की वह परवाह नहीं करेगा जिनकी पूजा स्त्रियाँ किया करती हैं । वह किसी भी देवता की परवाह नहीं करेगा बल्कि वह स्वयं अपनी प्रशंसा करता रहेगा और अपने आपको किसी भी देवता से बड़ा मानेगा।
37 Ele não respeitará os deuses de seus antepassados, nem o deus preferido das mulheres, nem deus algum, pois dirá que é maior que todos eles.
38 वह अपने पूर्वजों के देवता की अपेक्षा किले के देवता की पूजा करेगा वह सोने, चाँदी,बहुमूल्य हीरे जवाहरात और अन्य उपहारो से एक ऐसे देवता की पूजा करेगा जिसे उसके पूर्वज जानते तक नहीं थे।
38 Em lugar deles, adorará o deus da fortaleza, um deus que seus antepassados não conheceram, e lhe dará honras com ouro, prata, pedras preciosas e presentes caros.
39 “इस विदेशी देवता की सहायता से वह उत्तर का राजा सुदृढ़ गढ़ियों पर आक्रमण करेगा। वह उन लोगों को सम्मान देगा जिनकों वह बहुत पसन्द करेगा। वह बहुत से लोगों को उनके अधीन कर देगा। वे राजा जिस धरती पर राज करते हैं, उसके लिये वह उनसे भुगतान लिया करेगा।
39 Dizendo contar com a ajuda desse deus estrangeiro, atacará as fortalezas mais poderosas. Honrará os que se sujeitarem a ele, os nomeará para cargos de autoridade e dividirá a terra entre eles como recompensa.
40 “अंत आने के समय उत्तर का राजा, उस दक्षिण के राजा के साथ युद्ध करेगा। उत्तर का राजा उस पर हमला करेगा। वह रथों, घुड़सवारों और बहुत से विशाल जलयानों को लेकर उस पर चढ़ाई करेगा। उत्तर का राजा बाढ़ के से वेग के साथ उस धरती पर चढ़ आयेगा।
40 “Então, no tempo do fim, o rei do sul lutará contra o rei do norte. O rei do norte atacará com carros de guerra e seus condutores e com muitos navios. Invadirá várias terras e as arrasará como uma inundação.
41 उत्तर का राजा “सुन्दर धरती” पर आक्रमण करेगा। उत्तरी राजा के द्वारा बहुत से देश पराजित होंगे किन्तु एदोम, मोआब और अम्मोनियों के मुखिया बच जायेंगे।
41 Entrará na terra gloriosa e muitas nações cairão, mas Moabe, Edom e a maior parte de Amom escaparão.
42 उत्तर का राजा बहुत से देशों में अपनी शक्ति दिखायेगा। मिस्र को भी उसकी शक्ति का पता चल जायेगा।
42 Ele conquistará muitos países, e nem mesmo o Egito escapará.
43 वह मिस्र के सोने चाँदी के खजानों और उसकी समूची सम्पत्ति को छीन लेगा। लूबी और कूशी लोग भी उसके अधीन हो जायेंगे।
43 Tomará para si o ouro, a prata e os tesouros do Egito, e os líbios e os etíopes serão seus servos.
44 किन्तु उत्तर के उस राजा को पूर्व और उत्तर से एक समाचार मिलेगा जिससे वह भयभीत हो उठेगा और उसे क्रोध आयेगा। वह बहुत से देशों को तबाह करने के लिये उठेगा।
44 “Mas, então, chegarão notícias do leste e do norte que o deixarão alarmado, e ele partirá enfurecido para destruir e aniquilar muitos.
45 वह अपने राजकीय तम्बू समुद्र और सुन्दर पवित्र पर्वत के बीच लगवायेगा। किन्तु आखिरकार वह बुरा राजा मर जायेगा। जब उसका अंत आयेगा तो उसे सहारा देने वाला वहाँ कोई नहीं होगा।
45 Armará suas tendas entre o monte santo e glorioso e o mar. Enquanto estiver lá, porém, chegará a seu fim, e ninguém o ajudará.”

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