Neemias 6

पवित्र बाइबल (HIN2010)

1 इसके बाद सम्बल्लत, तोबियाह, अरब के रहने वाले गेशेम तथा हमारे दूसरे शत्रुओं ने यह सुना कि मैं परकोटे की दीवार का निर्माण करा चुका हूँ। हम उस दीवार में दरवाजे बना चुके थे किन्तु तब तक दरवाजों पर जोड़ियाँ नहीं चढ़ाई गई थीं।

2 सो सम्बल्लत और गेशेम ने मेरे पास यह सन्देश भिजवाया: “नहेमायाह, तुम आकर हमसे मिलो। हम ओनो के मैदान में कैफरीम नाम के कस्बे में मिल सकते हैं।” किन्तु उनकी योजना तो मुझे हानि पहुँचाने की थी।

3 सो मैंने उनके पास इस उत्तर के साथ सन्देश भेज दिया: “मैं यहाँ महत्त्वपूर्ण काम में लगा हूँ। सो मैं नीचे तुम्हारे पास नहीं आ सकता। मैं सिर्फ इसलिए काम बन्द नहीं करना चाहूँगा कि तुम्हारे पास आकर तुमसे मिल सकूँ।”

4 सम्बल्लत और गेमेश ने मेरे पास चार बार वैसे ही सन्देश भेजे और हर बार मैंने भी उन्हें वही उत्तर भिजवा दिया।

5 फिर पाँचवी बार सम्बल्लत ने उसी सन्देश के साथ अपने सहायक को मेरे पास भेजा। उसके हाथ में एक पत्र था जिस पर मुहर नहीं लगी थी।

6 उस पत्र में लिखा था:

7 और यह अफ़वाह भी है कि तूने यरूशलेम में अपने विषय में यह घोषणा करने के लिए भविष्यवक्ता भी चुन लिये हैं: ‘यहूदा में एक राजा है!’

8 सो मैंने सम्बल्लत के पास यह उत्तर भिजवा दिया: “तुम जैसा कह रहे हो वैसा कुछ नहीं हो रहा है। यह सब बातें तुम्हारी अपनी खोपड़ी की उपज हैं।”

9 हमारे शत्रु बस हमें डराने का जतन कर रहे थे। वे अपने मन में सोच रहे थे, “यहूदी लोग डर जायेंगे और काम को चलता रखने के लिये बहुत निर्बल पड़ जायेंगे और फिर परकोटे की दीवार पूरी नहीं हो पायेगी।”

10 मैं एक दिन दलायाह के पुत्र शमायाह के घर गया। दलायाह महेतबेल का पुत्र था। शमयाह को अपने घर में ही रुकना पड़ता था। शमायाह ने कहा, “नहेमायाह आओ हम परमेश्वर के मन्दिर के भीतर मिले। आओ चले भीतर हम मन्दिर के और बन्द द्वारों को कर लें आओ, वैसा करें हम क्यों क्योंकि लोग है आ रहे मारने को तुझको। वे आ रहे हैं आज रात मार डालने को तुझको।”

11 किन्तु मैंने शमायाह से कहा, “क्या मेरे जैसे किसी व्यक्ति को भाग जाना चाहिए? तुम तो जानते ही हो कि मेरे जैसे व्यक्ति को अपने प्राण बचाने के लिये मन्दिर में नहीं भाग जाना चाहिए। सो मैं वहाँ नहीं जाऊँगा!”

12 मैं जानता था कि शमायाह को परमेश्वर ने नहीं भेजा है। मैं जानता था कि मेरे विरुद्ध वह इस लिये ऐसी झूठी भविष्यवाणियाँ कर रहा है कि तोबियाह और सम्बल्लत ने उसे वैसा करने के लिए धन दिया है।

13 शमायाह को मुझे तंग करने और डराने के लिये भाड़े पर रखा गया था। वे यह चाहते थे कि डर कर छिपने के लिये मन्दिर में भाग कर मैं पाप करू ताकि मेरे शत्रुओं के पास मुझे लज्जित करने और बदनाम करने का कोई आधार हो।

14 हे परमेश्वर! तोबियाह और सम्बल्लत को याद रख। उन बुरे कामों को याद रख जो उन्होंने किये हैं। उस नबिया नोअद्याह तथा उन नबियों को याद रख जो मुझे भयभीत करने का जतन करते रहे हैं।

15 इस प्रकार एलूल नाम के महीने की पच्चीसवीं तारीख को यरूशलेम का परकोटे बनकर तैयार हो गया। परकोटे की दीवार को बनकर पूरा होने में बावन दिन लगे।

16 फिर हमारे सभी शत्रुओं ने सुना कि हमाने परकोटे बनाकर तैयार कर लिया है। हमारे आस—पास के सभी देशों ने देखा कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इससे उनकी हिम्मत टूट गयी क्योंकि वे जानते थे कि हमने यह कार्य हमारे परमेश्वर की सहायता से पूरा किया है।

17 इसके अतिरिक्त उन दिनों जब वह दीवार बन कर पूरी हो चुकी थी तो यहूदा के धनी लोग तोबियाह को पत्र लिख—लिख कर पत्र भेजने लगे, तोबियाह उनके पत्रों का उत्तर दिया करता।

18 वे इन पत्रों को इसलिए भेजा करते थे कि यहूदा के बहुत से लोगों ने उसके प्रति वफादार बने रहने की कसम उठाई हुई थी। इसका कारण यह था कि वह आरह के पुत्र शकम्याह का दामाद था तथा तोबियाह के पुत्र यहोहानान ने मशुल्लाम की पुत्री से विवाह किया था। मशुल्लाम बेरेक्याह का पुत्र था,

19 तथा अतीतकाल में उन लोगों ने तोबियाह को एक विशेष वचन भी दे रखा था। सो वे लोग मुझसे कहते रहते थे कि तोबियाह कितना अच्छा है और उधर वे, जो काम मैं किया करता था, उनके बारे में तोबियाह को सूचना देते रहते थे। तोबियाह मुझे डराने के लिये पत्र भेजता रहता था।

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