Joel 2

पवित्र बाइबल (HIN2010)

1 सिय्योन पर नरसिंगा फूँको।

2 वह दिन अंधकार भरा होगा,

3 वह सेना इस धरती को धधकती आग जैसे तहस—नहस कर देगी।

4 वे घोड़े की तरह दिखते हैं और ऐसे दौड़ते हैं

5 उन पर कान दो।

6 इस सेना के आगे लोग भय से काँपते हैं।

7 वे सैनिक बहुत तेज दौड़ते हैं।

8 वे एक दूसरे को आपस में नहीं थकेलते हैं।

9 वे नगर पर चढ़ जाते हैं

10 धरती और आकाश तक उनके सामने काँपते हैं।

11 यहोवा जोर से अपनी सेना को पुकारता है।

12 यहोवा का यह संदेश है:

13 अरे वस्त्र नहीं, तुम अपने ही मन को फाड़ो।

14 कौन जानता है, सम्भव है यहोवा अपना मन बदल ले

15 सिय्योन पर नरसिंगा फूँको।

16 तुम, लोगों को जुटाओ।

17 हे याजकों और यहोवा के दासों,

18 फिर यहोवा अपनी धरती के बारे में बहुत अधिक चिन्तित हुआ।

19 यहोवा ने अपने लोगों से कहा।

20 नहीं, मैं तुम्हारी धरती को त्यागने के लिये उन लोगों (उत्तर अथवा बाबुल) पर दबाव दूँगा।

21 हे धरती, तू भयभत मत हो।

22 ओ मैदानी पशुओं, तुम भय त्यागो।

23 सो, हे सिय्योन के लोगों, प्रसन्न रहो।

24 तुम्हारे ये खलिहान गेहूँ से भर जायेंगे और तुम्हारे कुप्पे दाखमधु

25 मुझ यहोवा ने अपनी सशक्त सेना तुम्हारे विरोध में भेजी थी।

26 फिर तुम्हारे पास खाने को भरपूर होगा।

27 तुमको पता चल जायेगा कि मैं इस्राएली लोगों के साथ हूँ।

28 इसके बाद,

29 उस समय मैं अपनी आत्मा

30 धरती पर और आकाश में मैं अद्भत चिन्ह प्रकट करूँगा।

31 सूरज अंधकार में बदल जायेगा।

32 तब कोई भी व्यक्ति जो यहोवा का नाम लेगा, छुटकारा पायेगा।

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